शुभेंदु अधिकारी को हराने के लिए था 100 करोड़ का बजट, एजेयूपी नेता का खुलासा

Suvendu Adhikari: इन आरोपों के समर्थन में एजेयूपी की ओर से कोई आधिकारिक दस्तावेज या सबूत सार्वजनिक नहीं किया गया है. तृणमूल की ओर से भी इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आयी है.

Suvendu Adhikari: कोलकाता/हल्दिया. नंदीग्राम विधानसभा चुनाव को लेकर आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के नेता और उम्मीदवार रहे साहिदुल हक ने तृणमूल कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाये हैं. विधायक हुमायूं कबीर के नेतृत्व वाली पार्टी के इस नेता ने दावा किया है कि भाजपा नेता शुभेंदु अधिकारी को हराने के लिए तृणमूल ने करोड़ों रुपये पानी की तरह बहाये थे. हक का आरोप है कि नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी को किसी भी कीमत पर पराजित करने के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का गुप्त चुनावी बजट तैयार किया था.

लिफाफों में भरकर बांटे गये थे नकद रुपये

उन्होंने दावा किया कि चुनाव से पहले नंदीग्राम के घर-घर में तृणमूल नेताओं और आइ-पैक कर्मियों की मदद से लिफाफों में भरकर नकद रुपये बांटे गये थे. हक के मुताबिक, इलाके के लगभग हर परिवार तक पैसे पहुंचाने की कोशिश की गयी. हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि नंदीग्राम के मतदाताओं ने तृणमूल के इस कथित पैसे के खेल को स्वीकार नहीं किया. उनके अनुसार, लोगों ने पैसे तो लिये, लेकिन वोट भाजपा उम्मीदवार अधिकारी को ही दिया. हक ने कहा, “नंदीग्राम के सामान्य लोगों ने तृणमूल के लोगों से लिफाफे में भरे रुपये जरूर लिये, लेकिन मतदान केंद्र में जाकर वोट भाजपा को दिया. लोगों ने पैसे अपनी जेब में रखे, लेकिन एक स्वस्थ सरकार बनाने के उद्देश्य से शुभेंदु अधिकारी को चुना. नंदीग्राम के जागरूक लोगों को मैं सलाम करता हूं.”

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विदेशों से आया था फंड, जांच की मांग

एजेयूपी के नेता ने चुनावी फंड के स्रोत को लेकर भी बड़ा आरोप लगाया. उन्होंने दावा किया कि नंदीग्राम में कथित तौर पर खर्च किये गये 100 करोड़ रुपये वैध स्रोतों से नहीं आये थे. हक का आरोप है कि यह पैसा बांग्लादेश, पाकिस्तान और अन्य विदेशी स्रोतों से आया था. उन्होंने दावा किया कि हवाला या अन्य अवैध माध्यमों के जरिए विदेशी धन पश्चिम बंगाल के चुनाव में इस्तेमाल किया गया. उन्होंने कहा कि इस पूरे कथित आर्थिक नेटवर्क की जांच होनी चाहिए. हक ने मांग की कि प्रवर्तन निदेशालय (इडी) और केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ) से पूरे मामले की विस्तृत जांच करायी जाये.

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Published by: Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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