भाजपा विधायकों ने सदन के भीतर व बाहर किया प्रदर्शन

राज्य विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को भाजपा विधायक की ओर से राज्य में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार व उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया गया.

विस. अपने विधायक का माइक बंद होने पर भाजपा का वॉकआउट

संवाददाता, कोलकाताराज्य विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र के दौरान बुधवार को भाजपा विधायक की ओर से राज्य में महिलाओं के खिलाफ हो रहे अत्याचार व उत्पीड़न की घटनाओं को लेकर स्थगन प्रस्ताव पेश किया गया. लेकिन विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने प्रस्ताव को स्वीकार करने से इनकार कर दिया. हालांकि, विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्ताव पढ़ने की अनुमति देते हुए कहा कि इसे रिकाॅर्ड में नहीं रखा जायेगा. इसके बाद भाजपा विधायक तापसी मंडल ने प्रस्ताव पढ़ना शुरू किया. उसी दौरान विरोधी दल भाजपा के विधायकों ने विधानसभा में पार्टी की महिला विधायक का माइक बंद करने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा और सदन से वाॅकआउट किया. आरोप है कि पहले हाफ में भाजपा विधायक तापसी मंडल जब राज्य में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को लेकर चर्चा की मांग पर लाये गये कार्य स्थगन प्रस्ताव की सामग्री पढ़ रही थीं, तभी उनका माइक्रोफोन कथित तौर पर बंद कर दिया गया. इसका आरोप लगाते हुए भाजपा के सभी विधायकों ने अपनी सीटों से खड़े होकर विरोध जताया और जमकर नारेबाजी करते हुए सदन से बाहर निकल गये. विधानसभा परिसर के बाहर भी तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया.

दरअसल, विधानसभा अध्यक्ष बिमान बनर्जी ने भाजपा सदस्यों तापसी मंडल और अन्य द्वारा महिलाओं की सुरक्षा पर लाये गये प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया, लेकिन इसे पढ़ने की अनुमति दी. हालांकि, जब तापसी मंडल कुछ अंश पढ़ रही थीं, जिन्हें पढ़ने की अनुमति नहीं दी गयी थी, तो अध्यक्ष ने कहा कि ये रिकाॅर्ड में नहीं जायेंगे. लेकिन उसी समय भाजपा विधायक का माइक कथित रूप से बंद कर दिया गया. भाजपा के मुख्य सचेतक शंकर घोष ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से कहा कि प्रस्ताव के संपादित अंश को अध्यक्ष ने सदन में पढ़ने की अनुमति दी थी. श्री घोष ने दावा किया कि जब तापसी मंडल प्रस्ताव पढ़ रही थीं, तब उनका माइक्रोफोन बंद कर दिया गया था, जिसके विरोध में भाजपा विधायकों ने वाॅकआउट किया.

उन्होंने कहा कि यह प्रस्ताव आरजी कर मेडिकल कालेज एवं अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात महिला डाक्टर के साथ दुष्कर्म और हत्या जैसी घटना तथा अन्य मामलों के बाद राज्य में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर लाया गया था.

दूसरी ओर, राज्य के संसदीय कार्य मंत्री शोभनदेब चट्टापोध्याय ने महिला विधायक का माइक्रोफोन बंद करने के भाजपा के आरोपों को खारिज किया.

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