बंगाल में बने रहे नये राजनीतिक समीकरण, हुमायूं कबीर से मिले माकपा नेता सलीम

Bengal News: हुमायूं कबीर काफी समय से माकपा के साथ बैठक चाहते थे. दोनों दलों के बीच गठबंधन की अटकलें लग रही हैं. माकपा नेता सलीम के साथ उनकी मुलाकात को इसी कड़ी में आगे बढ़ना माना जा रहा है.

Bengal News: कोलकाता: बंगाल में नये राजनीतिक समीकरण की तलाश हो रही है. जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, बंगाल में विपक्षी दल एक दूसरे का साथ तलाश रहे हैं. ऐसे में एक नए राजनीतिक समीकरण को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) से बाहर हुए हुमायूं कबीर ने नई पार्टी बनायी अब गठबंधन की तलाश कर रहे हैं. भरतपुर के विधायक हुमायूं कबीर लगातार ममता को हराने के लिए विपक्ष से गठबंधन का आग्रह कर रहे हैं. इसबीच सीपीएम के राज्य सचिव मोहम्मद सलीम ने हुमायूं से मुलाकात की है. दोनों नेताओं के बीच यह पहली बैठक थी. वाम मोर्चा के अध्यक्ष बिमान बसु ने पहले ही संकेत दिया था कि हुमायूं कबीर के साथ वाम मोर्चा की बातचीत हो सकती है.

हुमायूं कबीर को कांग्रेस से गठबंधन में दिलचस्पी नहीं

हुमायूं कबीर और सलीम दोनों नेता बुधवार को एक होटल में मिले. सलीम से मुलाकात के बाद गठबंधन को लेकर चर्चा और तेज हो गयी है. दोनों की मुलाकात में गठबंधन पर चर्चा हुई. मालदा और मुर्शिदाबाद में गठबंधन कैसे बनाया जाए और इससे क्या लाभ होंगे, इस पर भी विचार-विमर्श हुआ. स्थानीय पत्रकारों से बात करते हुए हुमायूं ने कहा-गठबंधन के बारे में अच्छी चर्चा हुई. अगर गठबंधन नहीं होता तो कोई भी 1 घंटे 10 मिनट तक चर्चा नहीं करता. सार्थक चर्चा हुई, मैं बस इतना ही कह सकता हूं. हालांकि, हुमायूं कांग्रेस के साथ गठबंधन में दिलचस्पी नहीं रखते. उन्होंने कहा- मेरी पार्टी के फैसले मैं खुद लेता हूं. सलीम देखेंगे कि कांग्रेस के साथ गठबंधन होगा या नहीं. उन्होंने कहा कि कुछ दिनों में सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा.

हुमायूं की पार्टी बंगाल में उतारेगी 100 उम्मीदवार

हुमायूं ने पिछले दिसंबर में जनता यूनाइटेड पार्टी नामक एक नई पार्टी का गठन किया. उन्होंने घोषणा की कि वे अकेले ही सौ से अधिक सीटों पर उम्मीदवार उतारेंगे. पार्टी के गठन के दिन उन्होंने मंच से कई उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की. बाद में, हुमायूं ने कहा कि वह सीपीएम और आईएसएफ के साथ गठबंधन में रुचि रखते हैं. इस बात को लेकर अब चर्चा तेज हो गयी है कि क्या सलीम के साथ हुई बातचीत इसी दिशा में कोई रास्ता खोजने के लिए हुई है. इससे पहले, वामपंथी दलों ने अलीमुद्दीन में आईएसएफ विधायक नौशाद सिद्दीकी से भी बातचीत की. हुमायूं कबीर, जिन्होंने कांग्रेस से राजनीति की शुरुआत की थी, तृणमूल-भाजपा गठबंधन से भी चुनाव लड़ चुके हैं. क्या वे इस बार गठबंधन के लिए सीपीएम में शामिल होंगे. इसका जवाब कुछ दिनों में मिल सकता है.

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लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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