मुख्य बातें
Bengal News: कोलकाता. एकाधिक बार इडी के बुलावे पर गैर हाजिर रहने वाले विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू ने अचानक सोमवार को सॉल्टलेक में स्थित इडी दफ्तर में पहुंचकर सभी को चौंका दिया था. वहीं उससे पूछताछ के दौरान लगातार जांच अधिकारियों को अपने बयान से भ्रमित करने के आरोप में आखिरकार इडी ने सोना पप्पू को गिरफ्तार कर लिया. इडी सूत्र बताते हैं कि तीन चरणों में उससे पूछताछ की गयी, उसे सबूत दिखाये गये, लेकिन वह लगातार झूठे बयान देकर जांच अधिकारियों को भ्रमित कर रहा था.
ये हैं आरोप
-बार-बार नोटिस भेजने पर भी अधिकारियों से नहीं मिलने का लगा था आरोप
-दक्षिण कोलकाता के कुछ प्रमोटरों से बिचौलिए के तौर पर वसूली का आरोप
-इडी के हाथों गिरफ्तार कारोबारी जय कामदार से मोटी रकम लेनदेन का खुलासा
लोगों से मोटी रकम वसूलने का आरोप
विश्वजीत पोद्दार पर प्रमोटरों को विवादित जमीन उपलब्ध कराने, प्रमोटरों से रंगदारी वसूलने एवं पुलिस के साथ मिलकर झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देकर लोगों से मोटी रकम व जमीन हथियाने का आरोप लगा था. कारोबारी जॉय कामदार से मोटी रकम का लेनदेन का आरोप भी उस पर लगा था. आरोपी को मंगलवार को अदालत में पेश किया जायेगा. हालांकि, सोमवार की सुबह 9.30 बजे इडी दफ्तर में प्रवेश करते समय सोना पप्पू ने दावा किया था कि वह इलाके में अपने घर पर ही थे. सोना पप्पू ने यह भी दावा किया कि उन्होंने कोई भी रंगदारी नहीं मांगी है. रंगदारी को लेकर किसी भी थाने में उनके नाम पर कोई एफआइआर दर्ज नहीं है. उनपर झूठा आरोप लगाया जा रहा है.
रवींद्र सरोवर मामले में आया था नाम
बताया जा रहा है कि इस वर्ष की शुरुआत में ही गत फरवरी महीने में रवींद्र सरोवर में हुई एक घटना के सिलसिले में विश्वजीत पोद्दार उर्फ सोना पप्पू का नाम सामने आया था, सोना पप्पू पर जमीन हड़पने और अवैध निर्माण के साथ रंगदारी मांगने के कथित तौर पर कई तरह से कथित आरोप लगे थे. इस तरह के मामलों की जांच शुरू कर इडी ने उसके घर पर तलाशी अभियान चलाया था. हालांकि वे उसे ढूंढ़ने में वे कामयाब नहीं हो सके थे. इस मामले की जांच में इडी ने उसके एक करीबी सहयोगी जय कामदार नामक एक कारोबारी को गिरफ्तार किया था.
इडी दफ्तर में प्रवेश करते समय खुद को बताया था निर्दोष
सोमवार को सॉल्टलेक स्थित इडी दफ्तर में प्रवेश करते समय, पप्पू से पूछा गया कि क्या उसे गिरफ्तार होने का डर है. इसके जवाब में उसने कहा- मैंने कोई अपराध नहीं किया है. उस पर रंगदारी मांगने के आरोप हैं, इस सवाल पर सोना पप्पू ने कहा- मैंने अपनी पूरी जिंदगी में कभी रंगदारी नहीं मांगी. मेरी सोने की एक दुकान है. आज तक, किसी भी पुलिस थाने में मेरे खिलाफ रंगदारी मांगने की कोई शिकायत दर्ज नहीं हुई है. इधर, इडी के सूत्रों के अनुसार, पप्पू के घर से विदेश में बनी एक पिस्तौल बरामद की गयी थी. आरोप है कि उसके घर से मिली वह पिस्तौल कामदार के जरिए हासिल की गयी थी. इसके बाद वह हथियार गरियाहाट थाने में जमा कर दिया गया था.
अवैध लेनदेन जैसे कई मामलों में जुड़ा है सोना पप्पू
इडी सूत्र बताते हैं कि सोना पप्पू के खिलाफ कई एफआइआर दर्ज की गई हैं. जिसमें उस पर कई तरह के आरोप हैं, जिनमें प्रमोटरों से रंगदारी मांगना, लोगों को जान से मारने की धमकी देकर, झूठे मामलों में फंसाकर उनसे मोटी रकम के साथ उनकी प्रॉपर्टी हथिया लेना शामिल है. इडी द्वारा जुटायी गयी जानकारी से पता चलता है कि पप्पू कसबा और बालीगंज के अलग-अलग इलाकों में सक्रिय कई सिंडिकेट को नियंत्रित करता था. दक्षिण कोलकाता के बालीगंज इलाके का रहने वाला सोना पप्पू पर जमीन पर कब्जा करने और रंगदारी मांगने सहित कई आरोप लगे हैं. उस पर आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोप हैं.
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शांतनु समेत अब तक कई गिरफ्तार
सोना पप्पू के खिलाफ कई आरोपों को देखते हुए इडी ने जांच शुरू की थी. इस मामले के सिलसिले में, केंद्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों ने पहले ही बेहला के एक व्यवसायी जॉय कामदार को गिरफ्तार किया. इसी मामले से मिले सुरागों पर कार्रवाई करते हुए, इडी ने पिछले महीने फर्न रोड पर कोलकाता पुलिस अधिकारी शांतनु सिन्हा बिश्वास के घर पर छापेमारी की थी. पप्पू से जुड़े इस मामले में पूछताछ के लिए शांतनु को पुलिस स्टेशन बुलाया गया था; बाद में उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.
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