मुख्य बातें
Bengal Election: कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस की ओर से जारी उम्मीदवारों की सूची ने सोनारपुर का राजनीतिक समीकरण बदल गया है. लवली मैत्रा का नाम तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार के रूप में घोषित होते ही विपक्षी खेमे में बड़ा विभाजन देखने को मिला है. बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और समर्थक भाजपा और सीपीएम छोड़कर तृणमूल कांग्रेस खेमे में आ रहे हैं. राजपुर टाउन स्थित पार्टी कार्यालय के सामने सदस्यता ग्रहण करनेवालों की भीड़ लवली के पक्ष में नारेबाजी कर रही थी. चुनाव से ठीक पहले यह दल परिवर्तन जिले के राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
लवली ने सौंपा पार्टी का झंडा
लवली ने नए सदस्यों को तृणमूल पार्टी का झंडा सौंपा. इस जुड़ाव के बारे में उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अभूतपूर्व विकास परियोजनाओं को देखते हुए विपक्षी दल के कार्यकर्ता तृणमूल में शामिल हो रहे हैं. उनका दावा है कि मुख्यमंत्री के विकास कार्यों पर जनता का यह अटूट विश्वास आगामी चुनावों में जीत सुनिश्चित करेगा. हालांकि, बात यहीं खत्म नहीं होती, उनका दावा है कि यह जुड़ाव प्रक्रिया भविष्य में भी पूरी गति से जारी रहेगी.
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विपक्षी दलों की परेशानी बढ़ी
पूर्व बूथ अध्यक्ष निरुपम रॉय भाजपा छोड़कर तृणमूल कांग्रेस में आए हैं. उनका कहना है कि उनके साथ करीब 30 से 35 सक्रिय कार्यकर्ता भाजपा कैंप छोड़कर आज तृणमूल कैंप में शामिल हुए हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने यह बड़ा फैसला मुख्य रूप से क्षेत्र के समग्र विकास के हित में लिया है. वहीं दूसरी ओर, वामपंथी कार्यकर्ता शेखर मन्ना ने भी इसी लहजे में कहा कि उन्होंने आने वाले दिनों में जनता के लिए और अधिक सक्रियता से काम करने के उद्देश्य से तृणमूल कांग्रेस में शामिल हुए हैं. चुनाव के मद्देनजर यह विभाजन विपक्षी दलों के लिए भी काफी परेशानी का सबब बन गया है.
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