मुख्य बातें
Bengal Election: कोलकाता: बंगाल की राजनीति में कांग्रेस अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए नयी रणनीति पर काम कर रही है. कांग्रेस हाई कमांड अधीर रंजन चौधरी को बंगाल की राजनीति में उतारने की सोच रही है. अधीर चौधरी को विधानसभा में उम्मीदवार बनाया जा सकता है. बंगाल प्रदेश कांग्रेस ने भी इस बात को दोहराया है. अधीर चौधरी को उनके गृह क्षेत्र बरहमपुर से चुनाव में उतारा जा सकता है. हालांकि, इस मामले पर अंतिम फैसला कांग्रेस केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में लिया जाएगा.
लोकसभा में रह चुके हैं पार्टी के नेता
करीब ढाई दशकों से संसद के गलियारों में नजर आनेवाले अधीर रंजन चौधरी लोकसभा में कांग्रेस पार्टी के नेता के रूप में भी कार्य कर चुके हैं. करीब 26 वर्षों बाद वो विधानसभा के लिए चुनावी मैदान में दिखेंगे. 24वीं लोकसभा चुनाव हारने के बाद वर्तमान में अधीर पूर्व सांसद हैं. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी सुभंकर सरकार के कंधों पर है. कुल मिलाकर, अधीर पर फिलहाल कोई अतिरिक्त जिम्मेदारी नहीं है. कांग्रेस नेतृत्व इस समय अधीर रंजन चौधरी को बंगाल विधानसभा चुनाव में उम्मीदवार बनाती है तो उनके कंधे पर अपनी सीट जीतने के साथ-साथ कांग्रेस को बंगाल में फिर से खड़ा करने की जिम्मेदारी भी होगी.
पश्चिम बंगाल की अन्य महत्वपूर्ण खबरों को पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मुर्शिदाबाद से रह चुके हैं विधायक
बरहमपुर के ‘रॉबिन हुड’ कहे जाने वाले अधीर रंजन चौधरी 1996 में मुर्शिदाबाद के नबग्राम से कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुने गए थे. वे 1999 के लोकसभा चुनावों तक विधायक रहे. फिर, 1999 के लोकसभा चुनावों में, अधीर ने बरहमपुर निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल करके पहली बार संसद में प्रवेश किया. वे बरहमपुर से 25 वर्षों तक सांसद रहे. 2024 के लोकसभा चुनावों में उन्हें तृणमूल के यूसुफ पठान ने हराया था. बहरामपुर लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले विधानसभा क्षेत्रों में से एक बहरामपुर है. इस क्षेत्र में अधीर का दबदबा कभी काफी रहा है, लेकिन, पिछले विधानसभा चुनाव में भाजपा के सुब्रता मैत्रा ने बहरामपुर से जीत हासिल की.
Also Read: बंगाल में पहचान की लड़ाई, भाजपा के ‘घुसपैठिये’ से ममता की ‘बंगाली अस्मिता’ का मुकाबला
