बंगाल 2026 चुनाव से पहले Video वायरल, EVM बटन पर ‘इत्र’ का तानाशाही मॉडल?

Bengal 2026 Elections Video Viral: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से पहले एक ऐसा वीडियो सोशल मीडिया में वायरल है, जिसने चुनाव प्रक्रिया में ‘इत्र’ की खुशबू घोल दी है. आखिर इत्र का क्या है ईवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) कनेक्शन? क्यों भाजपा ने इसे टीएमसी का तानाशाही मॉडल करार दिया है.

Bengal 2026 Elections Video Viral: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल @BJP4India ने एक ट्वीट किया है, जिसने सोशल मीडिया पर तूफान खड़ा कर दिया. शनिवार को किये गये इस ट्वीट में कहा गया है- ममता बनर्जी के राज में EVM के बटन पर इत्र लगाकर… ये चुनाव नहीं, TMC का तानाशाही मॉडल है. TMC के खौफ का नया चैप्टर, सुनिए!

19 सेकेंड के वीडियो में ईवीएम पर ‘इत्र’ का खुलासा

इस पोस्ट के साथ एक 19 सेकेंड का वीडियो अटैच है, जिसमें बंगाल के ग्रामीण इलाके में एक लंबे बालों वाला युवक (नीले टी-शर्ट में) माइक के सामने खुलकर बोल रहा है. वह EVM बटन पर पार्टी के ‘सिंबल’ पर ‘इत्र’ लगे होने की बात करता है. फिर कहता है कि बटन दबाने के बाद हाथ में इत्र की खुशबू लग जाती है. मतदान केंद्र के बाहर लोगों के हाथ सूंघे जाते हैं. अगर खुशबू नहीं आयी, तो उसके साथ मारपीट की जाती है.

एक घंटे में 25000 से अधिक व्यूज

ओवरले टेक्स्ट लिखा है- इसलिए TMC से डरती है बंगाल की जनता! और Meanwhile Bengal under Mamata’s rule. समाचार लिखे जाने तक इस ट्वीट को 25,000+ व्यूज, 1296 लाइक्स और 45+ रिप्लाई मिल चुके हैं. लेकिन, असली कहानी कमेंट्स में छिपी है.

किसी ने परवर्तन की लहर कहा, किसी ने ECI को किया टैग

कई यूजर्स ने इसे ‘परिवर्तन की लहर’ बताया. एक यूजर @DeepPrakash3456 ने लिखा- बंगाल की जमीनी हकीकत को करीब से देखने का अवसर मिला… परिवर्तन की लहर अब साफ नजर आ रही है. दूसरे यूजर ने चुनाव आयोग को टैग करते हुए कहा- चुनाव आयोग और BJP कार्यकर्ता ध्यान दें. कुछ ने TMC के शासन को ‘जंगलराज’ और ‘जिहाद बानो’ करार दिया.

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विरोधी, व्यंग्यात्मक और सलाह वाली प्रतिक्रियाएं

  • ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (AITC/TMC) समर्थक यूजर्स ने इसे ‘फेक’ और ‘रोना-धोना’ कहा. एक यूजर @Vikasv201 ने लिखा- Fake है… बीजेपी अपने ट्विटर हैंडल से इसे फैला रही है.
  • @shiptrained ने सबसे दिलचस्प कमेंट करते हुए सुझाव दिया. लिखा- Be smart. चतुर बनो. वोट जिसको भी डालना है डालो… वोट डालने के बाद जहां इत्र लगा है, उस पर अपनी उंगली फेर दो. वोट तो डाल ही चुके हो. दोबारा थोड़ी मशीन वोट पकड़ेगी?
  • @BijayKu3628 ने लिखा– तो तुम लोग बैठकर क्या इत्र बना रहे थे…? तुम्हारे कार्यकर्ता मारे जाते हैं, घं…टा उखाड़ पाते हो कुछ???

‘इत्र’ अब चुनावी हथियार क्यों?

यह पहला मौका है, जब इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) पर इत्र लगाने का आरोप वायरल हुआ है. पारंपरिक रूप से EVM हैकिंग या VVPAT पर बहस होती थी, लेकिन ‘इत्र’ एक नया ‘सेंसर’ बन गया है.

बंगाल चुनाव 2026 से पहले चरम पर है ध्रुवीकरण

कमेंट्स से साफ है कि पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव 2026 से पहले ध्रुवीकरण चरम पर है. TMC समर्थक कह रहे हैं TMC ahead और BJP वाले ‘परिवर्तन तय’ की बात कह रहे हैं.

2026 में वोटर साइकोलॉजी को बदल सकता है इत्र कंट्रोवर्सी

इस बीच, एक अनदेखा पहलू उभरा है- आम वोटर अब ईवीएम का बटन छूने से पहले ‘स्मार्ट’ तरीके सोचने लगा है. यह 2026 के बंगाल विधानसभा चुनाव में ‘वोटर साइकोलॉजी’ को बदल सकता है.

वोटर को एकजुट करने में जुटी बीजेपी, टीएमसी ने साधी चुप्पी

BJP इसे मुद्दा बनाकर वोटर को एकजुट करने की कोशिशों में जुट गयी है. TMC चुप्पी साधे हुए है. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जो कमेंट्स आ रहे हैं, वो बता रहे हैं कि इत्र वाली बहस अब बूथ से निकलकर लोगों के बीच पहुंच चुकी है.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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