एग्रिकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड : सप्लाई चेन मजबूत करने के लिए किसानों को 2 करोड़ तक क्रेडिट गारंटी देती है सरकार

Agriculture Infrastructure Fund: एग्रिकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (AIF) योजना के तहत किसानों को कोल्ड स्टोरेज व गोदाम बनाने के लिए 2 करोड़ रुपए तक का लोन मिलता है. 3 प्रतिशत ब्याज छूट और क्रेडिट गारंटी भी मिलेगी. एक-एक अपडेट यहां पढ़ें.

Agriculture Infrastructure Fund - AIF: किसानों को समृद्ध बनाने के लिए केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) समेत कई योजनाएं चला रही है. पीएम किसान अभी सबसे लोकप्रिय योजना है, क्योंकि इसके तहत सीमांत यानी छोटे किसानों को हर साल 6,000 रुपए की आर्थिक मदद मिलती है. तीन किस्तों में किसानों को मिलने वाली इस मदद के अलावा केंद्र सरकार की ओर से एग्रिकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (एआईएफ) के नाम से एक योजना चलायी जाती है, जिसकी मदद से किसान और किसानों का संगठन इन्फ्रास्ट्रक्चर यानी कृषि से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का निर्माण कर सकते हैं.

बंगाल के किसानों के लिए भी लागू है योजना

भारत सरकार की एग्रिकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड (Agriculture Infrastructure Fund - AIF) योजना का मुख्य उद्देश्य कृषि क्षेत्र में फसल कटाई के बाद होने वाले नुकसान को कम करने और सप्लाई चेन (Supply Chain) को मजबूत करना है. इस योजना के तहत किसानों, कृषि-उद्यमियों और किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को 2 करोड़ रुपए तक का कर्ज (Loan) बिना किसी भारी-भरकम कोलैटरल (संपत्ति गिरवी रखे) के उपलब्ध कराया जा रहा है. पश्चिम बंगाल की शुभेंदु अधिकारी सरकार ने भी केंद्र की इस योजना को लागू कर दिया है. स्कीम से जुड़ी सभी जानकारियां आपको यहां मिलेगी.

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योजना से होने वाले 10 प्रमुख लाभ| Key Benefits of AIF

  1. 3 प्रतिशत ब्याज सब्सिडी (Interest Subvention) : इस योजना के तहत लिये गये ऋण (Loan) पर प्रति वर्ष 3 प्रतिशत की ब्याज छूट दी जाती है. इससे किसानों और उद्यमियों के लिए कर्ज की लागत काफी कम हो जाती है.
  2. क्रेडिट गारंटी सपोर्ट (Credit Guarantee): 2 करोड़ रुपए तक के ऋण पर CGTMSE (सूक्ष्म एवं लघु उद्योग क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट) के तहत क्रेडिट गारंटी दी जाती है. इसकी फीस का भुगतान सरकार करती है.
  3. कोलैटरल की सुविधा : गारंटी कवरेज के कारण 2 करोड़ रुपए तक के लोन के लिए किसी बैंक को भारी-भरकम संपत्ति (Collateral) गिरवी रखने की आवश्यकता नहीं होती (या बहुत कम होती है).
  4. लंबे समय तक वित्तीय मदद : योजना के तहत किसानों को मध्यम और लंबी अवधि के लिए कर्ज की सुविधा मिलती है, ताकि वे फसल को सुरक्षित रखने के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर सकें. सामुदायिक खेती के लिए संपत्ति बनाने के लिए भी लोन मिलता है.
  5. मूलधन भुगतान में छूट (Moratorium Period): लोन चुकाने की शुरुआत के लिए 6 महीने से लेकर 2 साल तक की छूट (Moratorium) दी जाती है.
  6. 7 साल तक लाभ : ब्याज सब्सिडी का लाभ अधिकतम 7 वर्षों तक किसानों को मिल सकता है.
  7. अन्य योजनाओं के साथ जुड़ाव (Convergence): इस योजना के लाभ को केंद्र या राज्य सरकार की अन्य कृषि सब्सिडी योजनाओं (जैसे- PMKSY, MIDH आदि) के साथ मिलाकर भी लिया जा सकता है.
  8. मल्टी-प्रोजेक्ट पात्रता : एक ही पात्र संस्था/व्यक्ति अलग-अलग स्थानों पर एक से अधिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए ऋण ले सकता/सकते हैं.
  9. व्यापक बैंकिंग नेटवर्क : व्यावसायिक बैंक, सहकारी बैंक (Co-operative Banks), क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक (RRBs) और NBFCs के माध्यम से आसानी से लोन उपलब्ध है.
  10. प्रोजेक्ट सपोर्ट सर्विस : प्रोजेक्ट की तैयारी और उसे लागू करने के लिए प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट के जरये मदद और मार्गदर्शन.

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कौन-कौन ले सकता है लाभ?| Eligibility For Agriculture Infrastructure Fund

यह योजना कृषि क्षेत्र से जुड़े कई वर्गों और संस्थाओं के लिए खुली है.

  • व्यक्तिगत किसान और किसानों के समूह (SHGs, JLGs), किसान उत्पादक संगठन (FPOs / FPCs), प्राथमिक कृषि ऋण समितियां (PACS) और विपणन सहकारी समितियां, कृषि-उद्यमी (Agripreneurs) और एग्रीटेक स्टार्टअप्स (AgriTech Startups), केंद्र/राज्य सरकार की एजेंसियां और स्थानीय निकाय, सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) परियोजनाएं.
  • एक से अधिक परियोजना के लिए किया जा सकता है आवेदन.
  • योजना के तहत केवल व्यावहारिक और आर्थिक रूप से टिकाऊ (Viable) पोस्ट-हार्वेस्ट और कृषि परिसंपत्तियों जैसे कोल्ड स्टोरेज (Cold Storage) और कोल्ड चेन नेटवर्क, गोदाम (Warehouses) और साइलो (Silos), ग्रेडिंग, सॉर्टिंग और पैकिंग यूनिट्स (Grading & Pack Houses) और राइपनिंग चैंबर (Ripening Chambers) के लिए ऋण स्वीकृत किया जाता है.
  • आवेदक के पास परियोजना के लिए अपनी जमीन होनी चाहिए या वैध लीज (Rent/Lease Agreement) का होना आवश्यक है.
  • आवेदक को संबंधित बैंक/वित्तीय संस्थान के क्रेडिट मापदंडों (CIBIL स्कोर, वित्तीय क्षमता आदि) को पूरा करना होगा.
  • यह योजना तय स्कीम अवधि (मूल रूप से वित्त वर्ष 2020-21 से वित्त वर्ष 2025-26 तक) के दौरान मंजूर किये गये प्रोजेक्ट्स के लिए लागू है.

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By मिथिलेश झा

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