फिर बाघ का आतंक, नदी पार कर दखिनराय इलाके में पहुंचा

सिर्फ पांच महीने के अंतराल पर माइपीठ इलाके में फिर बाघ का आतंक दिखा, जिसके बाद ग्रामीणों ने खुद को घरों में नजरबंद कर लिया है.

कोलकाता. सिर्फ पांच महीने के अंतराल पर माइपीठ इलाके में फिर बाघ का आतंक दिखा, जिसके बाद ग्रामीणों ने खुद को घरों में नजरबंद कर लिया है. मंगलवार सुबह खबर मिली है कि दखिनराय क्षेत्र की मकरी नदी पार कर इलाके से सटे जंगल में बाघ दिखायी दिया है. स्थानीय ग्रामीणों ने बाघ की मौजूदगी देखी है, इसलिए पूरे इलाके में दहशत फैल गयी. वन विभाग को तुरंत सूचित किया गया. वनकर्मियों ने इलाके की निगरानी शुरू कर दी है. माइपीठ के कई लोग अब अपने घरों से बाहर नहीं निकल रहे हैं. कई स्थानीय ग्रामीणों का दावा है कि उन्होंने बाघ की दहाड़ सुनी है. स्थानीय निवासियों को जंगल में बाघ की मौजूदगी का आभास हुआ. मकरी नदी के किनारे बाघ के पैरों के निशान मिले हैं.

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, माइपीठ के नागेदाबाद निवासी एक शख्स मंगलवार सुबह शौच के लिए घर से निकला ही था कि उसकी नजर एक बाघ पर पड़ी. बताया जाता है कि यह बाघ अजमलमारी जंगल से निकलकर मकरी नदी पार कर मोहल्ले से सटे जंगल में घुस गया है. अब इस बाघ को घने जंगल में वापस भेजने के लिए पिंजरा बनाने का काम भी शुरू हो गया है. हालांकि, पुलिस ने ग्रामीणों के घरों से बाहर निकलने पर रोक लगा दी है. ग्रामीण पहले भी बाघ के जोड़े का आतंक झेल चुके हैं.

माइपीठ में पहले भी बाघ के हमले देखे जा चुके हैं. कुलतली और माइपीठ से सटे इलाकों में बाघों की आवाजाही कोई नयी बात नहीं है. दो महीने पहले मछुआरों ने बाघ को मतला और मकरी नदी पार कर देउलबारी गांव के धान के खेतों में घुसते देखा था. ग्रामीणों ने खुद ही रात में पहरे की व्यवस्था की थी. वन विभाग के लंबे प्रयासों के बाद उस समय बाघ वापस लौट गया था. वन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि जंगल में बाघ के पैरों के निशान मिले हैं. उसे घेरने के लिए जाल की व्यवस्था की जा रही है.

नदी के किनारे एक तरफ जाल भी लगाया जा रहा है, ताकि उसे किसी तरह से पकड़ा जा सके.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By SUBODH KUMAR SINGH

SUBODH KUMAR SINGH is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >