पूर्व रेलवे में बने सीमित ऊंचाई वाले 45 सबवे

सड़क और रेल यातायात के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाने से ट्रेन की रफ्तार बढ़ेगी.

कोलकाता. सार्वजनिक सुरक्षा को बढ़ाने और निर्बाध सड़क और रेल संपर्क सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत पूर्व रेलवे में सीमित ऊंचाई वाले सबवे (एलएचएस) का निर्माण कार्य किया जा रहा है. वित्तीय वर्ष 2024-25 में, पूर्व रेलवे ने अपने चार मंडलों में सीमित ऊंचाई वाले 45 सबवे (एलएचएस) का निर्माण किया. सियालदह मंडल ने 8 एलएचएस, हावड़ा मंडल ने 13 एलएचएस, आसनसोल मंडल ने 9 एलएचएस और मालदा मंडल ने 15 एलएचएस का निर्माण किया. जबकि चालू वित्तीय वर्ष (2025-26) में गति को जारी रखते हुए, एक अप्रैल से अब तक की अवधि में 10 और एलएचएस का निर्माण पूरा किया जा चुका है, जिनमें सियालदह में 2, हावड़ा में 1 और मालदा में 7 शामिल हैं.

ज्यादा से ज्यादा एलएचएस के निर्माण से ट्रेन की गति में बाधा खत्म होगी जिससे ट्रेन परिचालन में सुधार होगा. सड़क और रेल यातायात के बीच प्रत्यक्ष संपर्क समाप्त हो जाने से ट्रेन की रफ्तार बढ़ेगी. रेलवे अधिकारियों का कहना है कि इससे यात्री सुरक्षा के साथ आम जनता की सुरक्षा को भी बल मिलेगा.

सभी एलएचएस परियोजनाएं मिशन मोड में की जा रही हैं, जिसमें समर्पित इंजीनियरिंग टीमें जनता की असुविधा को कम करते हुए तेजी से निष्पादन सुनिश्चित कर रही हैं. यात्रियों की सुरक्षा के लिए निर्माण के दौरान अस्थायी डायवर्जन और सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किये गये हैं. पूर्व रेलवे भविष्य के लिए एक सुरक्षित, स्मार्ट और अधिक यात्री-अनुकूल रेलवे नेटवर्क उपलब्ध कराने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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