भगवत नाम ही भव तरने का उपाय : मालीराम शास्त्री

Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 24 Jan 2015 10:02 PM

विज्ञापन

हावड़ा. कलियुग में भगवत नाम के सिवाय भव तरने का कोई दूसरा उपाय नहीं है. हमें हर पल, हर पस्थिति में भगवत नाम का सुमिरन करते रहना चाहिए. हमें मृत्यु से भयभीत नहीं रहना चाहिए, क्योंकि जन्म और मृत्यु परमात्मा के हाथों में है. कब, कहां, कैसे, कौन जन्मेगा और मृत्यु को प्राप्त होगा, यह […]

विज्ञापन

हावड़ा. कलियुग में भगवत नाम के सिवाय भव तरने का कोई दूसरा उपाय नहीं है. हमें हर पल, हर पस्थिति में भगवत नाम का सुमिरन करते रहना चाहिए. हमें मृत्यु से भयभीत नहीं रहना चाहिए, क्योंकि जन्म और मृत्यु परमात्मा के हाथों में है. कब, कहां, कैसे, कौन जन्मेगा और मृत्यु को प्राप्त होगा, यह बताना किसी के बस की बात नहीं है. यह उद्गार भागवत जन कल्याण की ओर से नारायण सेवा संस्थान के सहयोग से श्री श्याम मंदिर घुसुड़ीधाम परिसर में महेश कुमार, मनीष कुमार शर्मा के मुख्य यजमानत्व में आयोजित सप्ताह व्यापी श्रीमद् भागवत महापुराण यज्ञ एवं 108 भागवत परायण के दूसरे दिन भागवत मर्मज्ञ पंडित मालीराम शास्त्री ने व्यक्त किया. मौके पर श्री श्याम मंदिर घुसुड़ीधाम की महिला समिति की प्रमुख प्रेमलता टिबड़ेवाल, मंजु खजांची, सजन तायल, विष्णु पोद्दार, संजय सुरेका व अन्य उपस्थित थे. पंडित शास्त्री ने कहा कि 84 लाख योनि में भटकने के बाद प्रभु की असीम कृपा से हमें यह मानव तन मिला है, जिसका सदुपयोग सत्कर्म और परोपकार के माध्यम से किया जा सकता है. आज कथा प्रसंगानुसार शिव-पार्वती की विवाह झांकी प्रस्तुत की गयी. मीडिया प्रभारी सुरेश कुमार भुवालका ने बताया कि 25 जनवरी को पंडित शास्त्री जड़ भारत अजामिल व प्रह्लाद चरित्र पर प्रवचन करेंगे. यह कार्यक्रम 29 जनवरी तक चलेगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola