बुलेट ट्रेन तकनीक पर आइआइटी का केंद्र जल्द

कोलकाता : बुलेट ट्रेन तकनीक विकसित करने के लिए इस साल के अंत तक आइआइटी खड़गपुर में एक शोध केंद्र तैयार कर लिया जायेगा. केंद्र के प्रभारी प्रोफेसर शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि भारतीय रेलवे बोर्ड द्वारा वित्तपोषित सेंटर फॉर रेलवे रिसर्च (सीआरआर) की नयी इमारत का निर्माण आइआइटी परिसर में 20 करोड़ रुपये की […]

कोलकाता : बुलेट ट्रेन तकनीक विकसित करने के लिए इस साल के अंत तक आइआइटी खड़गपुर में एक शोध केंद्र तैयार कर लिया जायेगा. केंद्र के प्रभारी प्रोफेसर शुभ्रांशु रॉय ने बताया कि भारतीय रेलवे बोर्ड द्वारा वित्तपोषित सेंटर फॉर रेलवे रिसर्च (सीआरआर) की नयी इमारत का निर्माण आइआइटी परिसर में 20 करोड़ रुपये की लागत से होने वाला है.
उन्होंने बताया कि भारतीय रेल ने हाई स्पीड ट्रेनांे पर शोध, अधिक भार ढोने में सक्षम भारी ढुलाई की क्षमता का विकास, देख-रेख की उचित व्यवस्था और पॉलीमर, रबड़ इत्यादि जैसे अत्याधुनिक संसाधनों के प्रयोग के लिए चार महत्वपूर्ण क्षेत्रों की पहचान की है. श्री रॉय ने बताया कि नया केंद्र अगले सात-आठ महीने में तैयार हो जाएगा और यह ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के तहत रेलवे में स्वदेशी तकनीक विकसित करने पर काम करेगा. बुलेट ट्रेन से संबंधित तकनीक विकास से जुड़े शोध उनके लक्षित क्षेत्रों में से एक होंगे.
भारत फिलहाल हाई स्पीड ट्रेनों के लिए दो गलियारों पर विचार कर रहा है. मुंबई-अहमदाबाद गलियारे के लिए बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर जापान व्यावहारिक अध्ययन उपलब्ध करा रहा है, वहीं चीन दिल्ली-चेन्नई मार्ग के लिए यह उपलब्ध करा रहा है. अस्थायी व्यवस्था में काम करते हुए आइआइटी शोधकर्ताओं ने पहले ही हाई-स्पीड ट्रेन के सस्पेंशन (स्प्रिंग) और बोगी तकनीक पर काम शुरू कर दिया है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >