रवींद्र सरोवर में छठ पूजा से नहीं मरीं मछलियां

पर्यावरणविदों के आरोपों को भी किया खारिज कोलकाता : कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम ने रवींद्र सरोवर में छठ पूजा के दौरान प्रदूषण से जीव-जंतुओं के मरने के पर्यावरणविदों के आरोप को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि पर्यावरणविदों को वास्तविकता को ध्यान में रख कर काम करना चाहिए. कोलकाता नगर […]

पर्यावरणविदों के आरोपों को भी किया खारिज

कोलकाता : कोलकाता नगर निगम के मेयर फिरहाद हकीम ने रवींद्र सरोवर में छठ पूजा के दौरान प्रदूषण से जीव-जंतुओं के मरने के पर्यावरणविदों के आरोप को पूरी तरह से खारिज करते हुए कहा कि पर्यावरणविदों को वास्तविकता को ध्यान में रख कर काम करना चाहिए. कोलकाता नगर निगम में मंगलवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए श्री हकीम ने कहा : प्राकृतिक कारणों से रोज कई जीव जंतु और व्यक्ति मर रहे हैं, तो क्या यह कहना ठीक होगा कि उनकी मौत प्रदूषण से हो रही है.
उन्होंने साफ कहा कि यह गलत है कि छठ पूजा के प्रदूषण के कारण रवींद्र सरोवर में मछलियां व कछुए मरे हैं. हम नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) का सम्मान करते हैं, लेकिन उन्हें भी सिर्फ स्वघोषित पर्यावरणविदों के आरोप को लेकर ही काम करनी चाहिए, वरन लोगों की भावना और वास्तविक स्थिति का भी ध्यान रखना चाहिए.
उन्होंने कहा कि रवींद्र सरोवर में छठ पूजा नहीं होने के आदेश पर भी लोगों में जागरूकता फैला कर समझाया गया था कि 15 तालाबों की व्यवस्था की गयी है. लेकिन जब मामला आस्था का हो तो प्रशासन को कोई भी कार्यवाही करने में कठिनाई होती है. ऐसी स्थिति में प्रशासन को सूझबूझ अपनाते हुए निर्णय करना पड़ता है. मेयर ने कहा कि वे एनजीटी के चेयरमैन भी होते तो पुलिस को लोगों पर लाठी चार्ज कर उन्हें नियंत्रित करने का आदेश नहीं देते.
उन्होंने कहा कि वह कोलकाता को दिल्ली नहीं बनने देंगे. मेयर ने कहा कि मुंबई और बेंगलुरु के नजदीक समुद्र है. लेकिन दिल्ली और कोलकाता के पास ये विकल्प नहीं है. उन्होंने बताया कि कोलकाता में बढ़ रहे वायु प्रदूषण को लेकर निगम में मंगलवार को एक एडवाइजरी कमिटी का गठन किया गया है. उन्होंने अपनी चिंता जताते हुए कहा कि वह दिल्ली की हालत देख कर आश्चर्यचकित हैं कि प्रदूषण कितने हद तक बढ़ सकता है.
उन्होंने कहा कि निगम प्रदूषण को रोकने का हर संभव प्रयास कर रहा है. नये पौधे रोपे जा रहे हैं व उन्हें नियमित पानी देने की व्यवस्था की जा रही है. उन्होंने बताया कि एडवाइजरी कमिटी 15 दिन के कम समय व 45 दिन की लंबी अवधि में प्रदूषण पर नियंत्रण करने का सलाह देगी, एडवाइजरी कमिटी के आदेश के अनुसार कोलकाता में प्रदूषण पर नियंत्रण पाने का प्रयास किया जाएगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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