चिड़ियाघर में झारखंड-बिहार से आये नये मेहमान

सुंदरवन में बाघों की संख्या बढ़ कर 76 से 88 हुई कोलकाता : अलीपुर चिड़ियाघर में पहली बार बड़े सांपों में से एक ऐनाकोंडा को प्रदर्शित किया गया है. इसके साथ ही पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान से आयी सफेद बाघिन भी पहली बार आम लोगों के सामने कुलांचें भरीं. सोमवार को राज्य के […]

सुंदरवन में बाघों की संख्या बढ़ कर 76 से 88 हुई

कोलकाता : अलीपुर चिड़ियाघर में पहली बार बड़े सांपों में से एक ऐनाकोंडा को प्रदर्शित किया गया है. इसके साथ ही पटना के संजय गांधी जैविक उद्यान से आयी सफेद बाघिन भी पहली बार आम लोगों के सामने कुलांचें भरीं. सोमवार को राज्य के मंत्री व्रात्य बसु ने चिड़ियाघर में चार ऐनाकोंडा, दो तेंदुआ, एक बाघिन तथा तीन लकड़बग्घा को आम लोगों के दर्शनार्थ प्रदर्शित किया. उन्होंने ऐनाकोंडा और लकड़बग्घा का अलग-अलग इनक्लोजर का भी उद्घाटन किया. अलीपुर चिड़ियाघर के निदेशक अशीष कुमार सामंत ने बताया कि कोलकाता के चिड़ियाघर में पहली पर ऐनाकोंडा को प्रदर्शित किया गया है.
इन्हें चेन्नई से लाया गया था. चिड़ियाघर में इसके लिए अलग से व्यवस्था की गयी है. ऐनाकोंडा के लिए आर्टिफिशल रेन फॉरेस्ट बनायी गयी है, ताकि इन्हें इनके अनुकूल वातावरण मिल सके. गौरतलब है कि ऐनाकोंडा सांप सामान्यत: दक्षिणी अमेरिका में स्थित ऐमजॉन के जंगलों में पाये जाते हैं. जो रेनफॉरेस्ट बनाया गया है, उसमें सूरज की रोशनी को नियंत्रित किया गया है. 50 फीट वाइन 25 फीट इनक्लोजर में मजबूत शीशे की दीवारों में इन्हें रखा गया है. चार वर्षीय चार ऐनाकोंडा की वर्तमान में लंबाई लगभग 10 फीट है.
पटना की सफेद बाघिन दिखी कोलकाता के चिड़ियाघर में
कुछ माह पहले कोलकाता चिड़ियाघर और पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान के बीच समझौता हुआ था. इसके तहत केंद्रीय चिड़ियाघर प्राधिकरण की अनुमति के बाद वन्य प्राणियों की अदला-बदली हुई थी. उसके तहत कोलकाता से पटना स्थित संजय गांधी जैविक उद्यान को मादा जेबरा भेजा गया था. बदले में पटना से नौ वन्यप्राणी कोलकाता चिड़ियाघर लाये थे. इनमें एक बाघिन भी थी. सोमवार को उक्त बाघिन को भी जनता के दर्शनार्थ छोड़ दिया गया. श्री सामंत ने बताया कि कोलकाता में कुल नौ बाघ-बाघिन हो गये हैं तथा कुल तीन तेंदुआ हो गये हैं. ये बच्चों के आकर्षण के केंद्र के रूप में उभरेंगे.
झारखंड से लाया गया लकड़बग्घा
मंत्री व्रात्य बसु ने लकड़बग्घा के लिए अभी एक इनक्लोजर का उद्घाटन किया. यहां झारखंड से लाये गये तीन लकड़बग्घा आम लोगों के दर्शनार्थ प्रदर्शित किया गया. पिछले माह उत्तर बंगाल के चाय बागान से तेंदुए के दो बच्चे पाये गये थे. नयन और शिशिर नाम के तेंदुए के बच्चों को भी आम लोगों के दर्शनार्थ छोड़ दिया गया. श्री बसु ने कहा कि सुंदरवन में बाघों की संख्या बढ़ी है. यह 76 से बढ़ कर 88 हो गयी है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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