कोलकाता : चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच गुरुवार को फिर लगभग एक घंटे तक बैठक हुई. बैठक में 2021 के पश्चिम बंगाल विधानसभा की रणनीति पर चर्चा हुई. राजनीतिक गलियारे में पीके के नाम से प्रसिद्ध प्रशांत किशोर तृणमूल कांग्रेस के सांसद और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी के साथ शाम लगभग चार बजे पश्चिम बंगाल के राज्य मुख्यालय नबान्न पहुंचें और सीधे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कक्ष में चले गये.
वहां अभिषेक बनर्जी की उपस्थिति में सुश्री बनर्जी और प्रशांत किशोर के बीच लगभग एक घंटे तक बैठक हुई. बैठक के बाद प्रशांत किशोर अभिषेक के साथ ही रवाना हो गये. नबान्न से निकलने समय संवाददाताओं ने उनसे सवाल किया, लेकिन उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया.
पिछले एक माह में प्रशांत किशोर और ममता बनर्जी की यह दूसरी बैठक है. उल्लेखनीय है कि लोकसभा चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद तृणमूल कांग्रेस ने प्रशांत किशोर के साथ समझौता किया है तथा श्री किशोर तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनावी रणनीति बनाने में जुट गये हैं. पीके लगातार तृणमूल नेताओं के साथ मिल रहे हैं.
हाल में ही उन्होंने दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस के सांसदों के साथ भी बैठक की थी. उसके बाद सुश्री बनर्जी के साथ उनकी बैठक महत्वपूर्ण मानी जा रही है. प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रशांत किशोर ने राज्य सरकार द्वारा चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी ली तथा उनका कैसे प्रचार-प्रसार किया जाये. इस बाबत चर्चा की.
उल्लेखनीय है कि जेडीयू के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष प्रशांत किशोर से जुड़ी कंपनी आईपैक ममता बनर्जी के लिए काम कर रही है. 2014 में उन्होंने भाजपा के लिए काम किया तो 2015 में बिहार में जेडीयू और महागठबंधन के लिए. उसके बाद वो कांग्रेस के लिए पंजाब और यूपी में काम कर चुके हैं, लेकिन हाल में आंध्र प्रदेश में जगन रेड्डी के लिए काम करके उन्होंने और उनकी कंपनी ने भारी सफलता पायी हैं.
चंद्रबाबू नायडू को शिकस्त देकर जगन रेड्डी वहां मुख्यमंत्री बने हैं. बंगाल में 2021 में विधानसभा चुनाव है और जिस प्रकार लोकसभा चुनाव में भाजपा ने ममता को चुनौती दी है. उसके बाद तृणमूल कांग्रेस ने प्रशात किशोर से मदद लेने का मन बनाया है.
