कोलकाता : कार्बन मुक्त स्वच्छ ऊर्जा उत्पन्न करने, बिजली पर खर्च को कम करने तथा पारिस्थितिक रूप से स्थायी विकास को बढ़ावा देने के लिए चल रहे प्रयासों के तहत, आयुध फैक्टरी बोर्ड (ओएफबी) राष्ट्रीय सौर मिशन में भाग ले रहा है. बोर्ड की ओर से जारी विज्ञप्ति में बताया गया है कि आवश्यक ऊर्जा की 45 प्रतिशत आपूर्ति, सौर ऊर्जा के जरिये करने का लक्ष्य तय किया गया है.
यह हरित ऊर्जा उत्पादन के मिशन में एक महत्वपूर्ण योगदान होगा. विज्ञप्ति में बताया गया है कि विभिन्न ओएफबी इकाइयों में ग्रिड से जुड़े सौर ऊर्जा परियोजनाओं की स्थापना के परिणामस्वरूप नवंबर, 2018 तक लगभग 14712072.14 यूनिट विद्युत उत्पादन हुआ है, जो 2018-19 के दौरान खपत की गयी कुल बिजली का लगभग 8.24 प्रतिशत था. बिजली खपत की लागत भी 2015-16 के दौरान 463.22 लाख से काफी कम हो गयी है और 2018-19 के दौरान 163.78 लाख पर पहुंच गयी है.
बताया गया है कि ओएफबी ने वर्षा जल संचयन की दिशा में भी बड़े कदम उठाये हैं. 2017-18 के दौरान छह नयी वर्षा जल संरक्षण परियोजनाएं पूरी हुईं जबकि 2018-19 के दौरान परियोजनाओं की संख्या 32 हो गयी और 2019-20 के दौरान इसने 60 नयी परियोजनाओं को पूरा किया है, जो लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्धता को दिखाता है.
