मालदा : शहरों में रहनेवाली नयी पीढ़ी अब ग्रामीण जीवन से दूर होती जा रही है. उसे बंगाली गांव की एक झलक से रूबरू कराने के लिए मालदा शहर के दक्षिण बालूचर इलाके की कल्याण समिति खास तरह की दुर्गा पूजा आयोजित करने जा रही है. यहां नंदीग्राम से आये एक अनुभवी कलाकार की देख-रेख में सजीव ग्रामीण जीवन की झांकी तैयार की जा रही है.
इस गांव को एक नाम भी दिया गया है ‘कल्याणपल्ली’, जिसके बीचोबीच एक तालाब बनाया गया है जिसमें हंसों के झुंड तैरते हुए देखे जायेंगे. प्राकृतिक परिवेश के लिए करीब डेढ़ महीने से सचमुच के हंसों को पालतू बनाने के लिए रखा गया है. इस आदर्श ग्राम में एक ग्रामीण पुलिस चौकी, एक उप-स्वास्थ्य केंद्र और एक प्राथमिक विद्यालय भी बनाया जा रहा है.
कल्याण समिति की पूजा कमेटी के सचिव अमिताभ शेठ ने बताया कि तालाब के ही एक सिरे में कमल खिले हुए रहेंगे. तालाब के बांयी ओर हरे-भरे खेत और उसमें लगी हुई धान की फसल बेहद खूबसूरत लग रही हैं.
करीब डेढ़ महीने पहले इस खेत में धान रोपे गये हैं. अब यह धान फूटने की बाट जोह रहे हैं. खेतों से होकर गुजरने वाली छोटी-छोटी गलियां भी हैं. वहीं गुलमोहर फूलों की छाया में ग्रामीण बहुएं कलश लिये खड़ी हैं. बगल में ही नंग-धड़ंग बच्चे खेलते हुए दिखेंगे. ये सब मॉडल के रुप में दिखाये जायेंगे. गांव में कुछ झोपड़ियां भी दिखेंगी. गांव में चाय की दुकान में अड्डा जमाते लोग, किसान अपने घर के बरामदे में धूम्रपान करते हुए और ढेकी से धान कूटते हुए महिलाएं दिखेंगी. बगल की जमीन में तरह-तरह के साग भी उगाये गये हैं.
इस प्राकृतिक सजावट के पीछे नंदीग्राम से आये कलाकार नवकुमार लाल का विशेष योगदान है. पूजा पंडाल में खजूर, ताड़ के साथ केले के पेड़ भी देखे जा सकते हैं. विभिन्न तरह के पक्षी भी आसपास उड़ते हुए मिलेंगे. इस दुर्गा पूजा की तैयारियों को लेकर मालदा शहर में चर्चा जोरों पर है.
