कोलकाता : बागड़ी मार्केट की आग की लपटों को भले ही नियंत्रण करने में दमकलकर्मी कामयाब हो गये, लेकिन अभी भी बिल्डिंग के कुछ हिस्सों से निकलने वाला धुआं उन पर कहर बरसा रहा है. दमघोंटू धुएं से दमकलकर्मी अस्वस्थ्य होने लगे हैं. बिल्डिंग के ए, बी और सी ब्लॉक के तीसरे, चौथे और पांचवें तल्ले से निकलनेवाला धुआं दमघोंटू है.
इससे बुधवार को कुल 20 दमकलकर्मी अस्वस्थ्य हुए. प्राथमिक उपचार के लिए लगायी गयी सिविल डिफेंस कैजुअलटी सर्विस की टीम ने उनका उपचार किया. टीम के एक सदस्य ने बताया कि बुधवार को दिनभर में कुल 20 दमकलकर्मियों को इस तरह की समस्या के कारण प्राथमिक उपचार किया गया. अधिकतर धुएं से ही अस्वस्थ्य हुए. सिविल डिफेंस कैजुल्टी विभाग के सीनियर एमओ डॉ अनिल कुमार राय ने बताया कि उन्हें इटोफाइलिन नामक दवा दी गयी और साथ ही ऑक्सीजन चढ़ाया गया.
ऐसे धुआं में सामान्य मास्क कारगर नहीं
दमकल अधिकारी से दमकलकर्मियों के अस्वस्थ्य होने के बारे में पूछेजाने पर उसने साफ तौर पर बताया कि इस तरह के मास्क, जो व्यवहार किये जा रहे हैं, उससे खुद को प्रोटेक्ट नहीं किया जा सकता है, क्योंकि जिस तरह के धुआं निकल रहे हैं, उसके लिए विशेष प्रकार के मास्क के साथ ही ऑक्सीजन की जरूरत होती है, जो नहीं होने के कारण दिक्कतें आ रही हैं. यहां ऐसे मास्क लेकर काम करने पर अस्वस्थ्य होना स्वाभाविक है.
प्राथमिक उपचार केंद्र में संसाधनों का अभाव : बागड़ी मार्केट के घटनास्थल के पास ही तीन शिफ्टों में कुल 20 सदस्य सिविल डिफेंस कैजुअल्टी सर्विस की टीम प्राथमिक उपचार केंद्र (फर्स्ट एेड) के जरिए उपचार में लगी है, लेकिन टीम के पास संसाधनों का अभाव है, जिस कारण से उन्हें दमकलकर्मियों या किसी के अस्वस्थ्य होने पर इलाज करने में समस्याएं आ रही हैं. यहां तक कि हवा देने के पंखा भी नहीं है.
धुआं अधिक खतरनाक : इधर सिविल डिफेंस कैजुअलटी सर्विस की टीम के सदस्य ने बताया कि इस आग को बुझाने में लगे दमकल कर्मियों के साथ अन्य डीएमजी के अधिकारी, कर्मचारी सभी अधिक धुआं से ही अस्वस्थ्य हो रहे हैं. धुआं काफी खतरनाक है. कुल 20 दमकल कर्मी बुधवार को अस्वस्थ्य हुए, जिनमें अधिकांश धुआं के शिकार है.
