कोलकाता : अजगरों की बढ़ती संख्या से आतंक का माहौल

वीरभूम जिले में बढ़ रही है अजगरों की संख्या मयूराक्षी नदी के किनारों पर है अजगरों का बसेरा कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में अजगर लोगों की दहशत का कारण बने हुए हैं. गौरतलब है कि पिछले वर्ष 4 अजगर पकड़े गए थे, जबकि इस वर्ष (2018) यह संख्या बढ़कर 14 पहुंच चुकी […]

वीरभूम जिले में बढ़ रही है अजगरों की संख्या
मयूराक्षी नदी के किनारों पर है अजगरों का बसेरा
कोलकाता : पश्चिम बंगाल के वीरभूम जिले में अजगर लोगों की दहशत का कारण बने हुए हैं. गौरतलब है कि पिछले वर्ष 4 अजगर पकड़े गए थे, जबकि इस वर्ष (2018) यह संख्या बढ़कर 14 पहुंच चुकी है. वन विभाग के अधिकारियों समेत जीव विज्ञानी इसे प्रकृति का प्रभाव मानते हैं.
भारत सरकार की वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन सोसायटी के दीनबंधु विश्वास बताते हैं, ‘अजगर आमतौर पर रेंगनेवाले जीवों को खाते हैं, जो कि मिट्टी की उर्वरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं.’ बीरभूम के असिस्टेंट फॉरेस्ट ऑफिसर बिजन नाथ कहते हैं, ‘हां, हाल ही में कई अजगरों को पकड़ा गया है और हकीकत यह भी है कि पर्यावरण को इससे नुकसान होता है.’ वन विभाग के आंकड़े के मुताबिक, मयूराक्षी नदी के किनारों पर बसे गांवों के स्थानीय लोग अजगरों की बढ़ती संख्या के गवाह हैं.
यही नहीं, गांववालों ने कुछ अजगरों को तो मार भी डाला है. धन्यग्राम गांव के स्थानीय लोगों ने एक दिन में तीन अजगर देखे और पिछले महीने एक को मार डाला. हालांकि, अन्य दो अजगरों को वन विभाग की टीम ने बचा लिया. जीव विज्ञानी मानते हैं कि मयूराक्षी नदी के किनारों पर अजगरों को खाना आसानी से मिल जाता है, जिसकी वजह से यहां संख्या ज्यादा नजर आती है. ज्यादातर सांप झारखंड की पहाड़ियों से आते हैं.

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