कोलकाता : एनआरसी का मुद्दा निगम के मासिक अधिवेशन में भी छाया रहा. इस विषय को लेकर वामपंथी पार्षदों ने शोर-शराबा करते हुए वॉकअाउट किया. निगम के अधिवेशन में एनआरसी मुद्दे पर चर्चा के लिए वाममोरचा की ओर से प्रस्ताव रखा गया था पर निगम की चेयरपर्सन माला राय इस पर चर्चा के लिए तैयार नहीं थीं.
इस पर बिफरे वामपंथी पार्षदों ने हंगामा किया. शोर- शराबा के करते हुए वाममोरचा ने सदन से वॉयकाट किया. वामपंथी पार्षद मेयर शोभन चटर्जी के कक्ष के सामने धरना प्रदर्शन करने पहुंचे. जहां पुलिस वाम पार्षदों को रोकने की कोशिश की. लेकिन इसकी उपेक्षा करते हुए पार्षदों ने यहां धरना प्रदर्शन किया. इस विषय में निगम में वाममोरचा की चीफ व्हिप रत्ना राय मजूमदार ने कहा कि एनआरसी के लागू होने से एक झटके 40 लाख लोग बे घर हो गये हैं.
उन्होंने आरोप लगते हुए कहा कि एनआरसी की आड़ में मोदी व ममता (दीदी) हिंदी मुस्लिम की राजनीति कर रहे हैं. कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी है. वहीं दूसरी ओर तृणमूल कांग्रेस अपने सांसदों को असम भेजा था. इसलिए ऐसे में इस विषय पर निगम में चर्चा होना जरूरी है. लेकिन हमें इस विषय पर प्रस्ताव रखने का मौका नहीं दिया गया. इसलिए हमने वॉकआउट किया.
