कोलकाता : कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा अनशन करने व राज्य में शिक्षा की स्थिति को लेकर विधानसभा में विरोधी दल कांग्रेस व माकपा के विधायकों ने वाकआउट किया. कलकत्ता मेडिकल कॉलेज के छात्रों द्वारा अनशन करने को राज्य के स्वास्थ्य मंत्री चंद्रिम भट्टाचार्य द्वारा ‘सांकेतिक अनशन’ करार दिये जाने पर विरोधी दल के विधायकों ने जमकर हंगामा किया और विधानसभा की कार्यवाही से वाकआउट कर गये. वाम व कांग्रेस के विधायकों का प्रतिनिधिमंडल मेडिकल कॉलेज कर अनशनरत छात्रों से मुलाकात की, हालांकि बाद में छात्रों की मांगें पूरी होने के बाद छात्रों ने आज 13वीं दिन अनशन तोड़ दिया.
बाद में विपक्ष के नेता अब्दुल मन्नान व माकपा विधायक दल के नेता सुजन चक्रवर्ती के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल राजभवन जाकर राज्यपाल को ज्ञापन दिया और राज्यपाल से हस्तक्षेप करने की मांग की. श्री मन्नान ने कहा कि राज्य की शिक्षा की स्थिति पूरी तरह बिगड़ गया है. शिक्षा के नाम पर राज्य में रुपयों का खेल चल रहा है. राज्य के हजारों छात्र कॉलेजों में भर्ती नहीं हो पा रहे हैं. मुख्यमंत्री खुद पुलिस को साथ लेकर कॉलेज-कॉलेज घूम रही हैं.
इस परिस्थिति में कॉलेज को लेकर विधानसभा में बहस होनी चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि वह मुख्यमंत्री से अनुरोध कर रहे हैं कि मुख्यमंत्री मानवता का परिचय देते हुए अनशनरत छात्रों के साथ बातचीत करें और पूरे मामले में हस्तक्षेप करें. माकपा विधायक दल के नता सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि मेडिकल कॉलेज के छात्रों के ऊपर अत्याचार चल रहा है. विधानसभा का सत्र महत्वपूर्ण है, लेकिन विधानसभा में सरकार इन पर चर्चा नहीं करना चाहती है.
