मछली बाजार को रोजाना दो करोड़ की लग रही चपत

पड़ोसी देश में हिंसा का असर हावड़ा मछली बाजार पर भी पड़ रहा है. बंगाल-बांग्लादेश की सीमा सील होने से ट्रकों की आवाजाही बंद हो गयी है. जिससे मछली व्यवसायियों को रोजाना दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है.

हावड़ा. पड़ोसी देश में हिंसा का असर हावड़ा मछली बाजार पर भी पड़ रहा है. बंगाल-बांग्लादेश की सीमा सील होने से ट्रकों की आवाजाही बंद हो गयी है. जिससे मछली व्यवसायियों को रोजाना दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. स्थिति कब तक सामान्य होगी, इसे लेकर मछली व्यवसायी असमंजस में हैं.

जानकारी के अनुसार, बांग्लादेश से प्रतिदिन 800 मीट्रिक टन मछलियां हावड़ा मछली बाजार पहुंचती हैं. वहीं, यहां से 100 मीट्रिक टन मछलियां बांग्लादेश भेजी जाती हैं.

आयात- निर्यात बंद होने से प्रतिदिन औसतन दो करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है. वहीं फिश इंपोर्टर्स एसोसिएशन के सचिव सैयद अनवर मकसूद ने कहा कि मछलियों का आयात- निर्यात बंद होने से व्यवसायियों को भारी नुकसान हो रहा है. स्थिति कब सुधरेगी, यह हमें नहीं पता. हर साल दुर्गा पूजा के पहले राज्य सरकार के विशेष आग्रह पर बांग्लादेश सरकार पद्मा नदी की हिलसा मछली भेजती थी. इसकी कागजी तैयारी भी हमलोगों ने शुरू कर दी थी, लेकिन अब सारी उम्मीदों पर पानी फिरता दिख रहा है.

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By Prabhat Khabar News Desk

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