संवाददाता, कोलकाता
राज्य के सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों में हुईं नियुक्तियों में भ्रष्टाचार व शिक्षक नियुक्ति घोटाले में पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी और तापस मंडल की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है. सूत्रों के अनुसार, भ्रष्टाचार में धनशोधन पहलू की जांच कर रहे प्रवर्तन निदेशालय (इडी) को उनकी संपत्तियों को लेकर इडी को कुछ तथ्य पहले ही मिले थे. इडी ने जांच के बाद अलग-अलग जगहों में कुछ अचल व चल संपत्तियों को कुर्क किया है, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये बतायी जा रही है.
सूत्रों के अनुसार, इडी ने कोलकाता के पाटुली में करीब 18 कट्ठा जमीन, हावड़ा के बागनान में दो बीघा जमीन के अलावा दक्षिण 24 परगना के विष्णुपुर और बीरभूम के बोलपुर में अचल संपत्तियों को कुर्क किया है. इसके अलावा एक निजी संस्थान के करीब दो करोड़ रुपये भी कुर्क किये गये हैं. बताया जा रहा कि यह संपत्तियां पार्थ चटर्जी से जुड़ीं हैं. इधर, तापस मंडल के उत्तर 24 परगना के खड़दह में मौजूद करीब ढाई करोड़ रुपये मूल्य की जमीन भी कुर्क की गयी है. इडी को चार निजी संस्थानों को लेकर भी कुछ तथ्य मिलने की सूचना मिल रही है, जिससे भी पार्थ चटर्जी जुड़े हो सकते हैं. आशंका जतायी जा रही है कि उक्त संस्थानों के जरिये घोटाले की रकम दूसरे स्थान स्थानांतरित किये गये. हालांकि, यह जांच का विषय है. असल में इडी ने कुछ दिनों पहले ही पार्थ चटर्जी के करीबी माने जाने एक प्रमोटर से पूछताछ की थी. पूछताछ में ही चटर्जी की संपत्तियों को लेकर कुछ तथ्य मिले थे.
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