बनगांव. उत्तर 24 परगना के बागदा विधानसभा सीट पर होनेवाले उपचुनाव में मतुआ संप्रदाय के तृणमूल कार्यकर्ताओं ने मतुआ संप्रदाय से ही प्रत्याशी बनाने की मांग की है. इसे लेकर मतुआ संप्रदाय के तृणमूल कार्यकर्ताओं ने सीएम ममता बनर्जी को पत्र लिखने की बात भी कही है. राज्यसभा की सदस्य ममता बाला ठाकुर के समर्थकों का कहना है कि बागदा के पूर्व विधायक विश्वजीत दास को बनगांव लोकसभा सीट से तृणमूल उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़वा गया था. लेकिन बागदा विधानसभा क्षेत्र से ही वह 20 हजार से ज्यादा वोटों से पीछे थे. मतुआ समुदाय के तृणमूल समर्थकों ने मांग की है कि बागदा विधानसभा से उपचुनाव के लिए भूमिपुत्र या मतुआ को ही प्रत्याशी बनाया जाये. मतुआ समुदाय के तृणमूल समर्थकों का दावा है कि बागदा विधानसभा को बचाने के लिए बागदा भूमिपुत्र और मतुआ से किसी को तृणमूल उम्मीदवार बनाया जाना चाहिये. इसे लेकर वे लोग मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और ममता बाला ठाकुर को पत्र लिखकर अपनी इस मांग को उन तक पहुंचायेंगे. उनका कहना है कि बागदा विधानसभा में मतुआ समुदाय के 80 फीसदी लोग रहते हैं, जिस कारण मतुआ उम्मीदवार जरूरी है. अगर मतुआ प्रत्याशी बनाया गया, तो तृणमूल यह सीट जीत जायेगी. मंगलवार को बागदा के हेलेंचा हरि मंदिर में बागदा प्रखंड अखिल भारतीय मतुआ संघ ने एक बैठक की. बैठक में बागदा पश्चिम ब्लॉक तृणमूल कांग्रेस के अध्यक्ष अघोर चंद्र हाल्दर भी मौजूद थे. उन्होंने कहा कि मतुआ समुदाय की यह मांग सही है. अगर मतुआ उम्मीदवार होता हैं, तो पार्टी जीत जायेगी. अन्यथा पिछले दिनों की तरह कुछ वोटों से हार हो सकती है. इधर, भाजपा के बागदा दो नंबर मंडल अध्यक्ष समीर कुमार विश्वास ने कहा कि मतुआ समुदाय कभी भी तृणमूल का साथ नहीं देगा. मतुआ समुदाय के लिए सीएए लागू करने पर तृणमूल ने इसका विरोध किया.
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