''''फेरूल बदलने से सड़कों को हो रहा नुकसान''''

महानगर में जलापूर्ति के पाइप में लगे फेरूल कोलकाता नगर निगम के लिए सिर दर्द बन गये हैं. पाइप लाइन से पानी का रिसाव रोकने के लिए फेरूल लगाये जाते है. लेकिन पानी में आयरन के चलते फेरूल को क्षति पहुंचती है.

कोलकाता. महानगर में जलापूर्ति के पाइप में लगे फेरूल कोलकाता नगर निगम के लिए सिर दर्द बन गये हैं. पाइप लाइन से पानी का रिसाव रोकने के लिए फेरूल लगाये जाते है. लेकिन पानी में आयरन के चलते फेरूल को क्षति पहुंचती है. इस कारण निगम को बार-बार सड़क खोदकर पाइप लाइन में लगे फेरूल को साफ करना या बदलना पड़ता है. इससे लोगों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है. ऐसे में मेयर फिरहाद हकीम ने कोलकाता के सभी क्षेत्रों में फेरूल को जमीन से ऊपर उठाने या उसकी जगह स्टॉप कॉक का उपयोग किये जाने का निर्देश दिया है. ताकि बार-बार सड़कों की खुदाई ना करनी पड़े. मेयर ने कहा कि हम पूरे कोलकाता में शुद्ध पेयजल पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. जिन इलाकों में अब तक भूमिगत पानी की सप्लाई की जा रही है, वहां दो महीने में एक बार फेरूल की सफाई करनी पड़ती है. मेयर ने निर्देश दिया है कि यदि आवश्यक हो, तो जमीन के ऊपर या घरों में फेरूल लगाया जाये. उन्होंने निगम के जलापूर्ति विभाग के अधिकारियों को शीघ्र इस पर अमल करने का निर्देश दिया.

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By Prabhat Khabar News Desk

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