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गणतंत्र दिवस परेड: बंगाल का टैब्लो हुआ रिजेक्ट, तो ममता बनर्जी ने पीएम नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी

गणतंत्र दिवस पर पश्चिम बंगाल के टैब्लो को केंद्र ने रिजेक्ट किया, तो पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी. उन्होंने देश की आजादी में बंगाल के योगदान की याद पीएम को दिलायी है.

By Prabhat khabar Digital
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बंगाल के टैब्लो को मंजूरी नहीं मिली, तो ममता ने पीएम को लिखा खत
बंगाल के टैब्लो को मंजूरी नहीं मिली, तो ममता ने पीएम को लिखा खत
Prabhat Khabar

कोलकाता: गणतंत्र दिवस परेड में पश्चिम बंगाल (West Bengal) के टैब्लो को इजाजत नहीं मिली, तो मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) को एक खत लिखा है. इस खत में ममता बनर्जी ने फैसले पर पुनर्विचार करने की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की है. ममता बनर्जी ने पत्र में लिखा है कि केंद्र के फैसले से वह अवाक तथा दुखी हैं. इस फैसले से स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान किया गया है.

मामले पर पुनर्विचार करने की मांग करते हए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (West Bengal CM Mamata Banerjee) ने पत्र में लिखा है कि देश के स्वाधीनता आंदोलन में बंगाल ने अग्रणी भूमिका निभायी थी. इसलिए केंद्र के फैसले से लोग दुखी हैं. उल्लेखनीय है कि आजादी के 75 वर्ष (75 Years of Independence) पूरे होने पर इस वर्ष गणतंत्र दिवस (Republic Day) तथा नेताजी सुभाष चंद्र बसु (Subhash Chandra Bose) की जयंती को एक साथ मनाने का फैसला केंद्र ने लिया है.

इसे ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल सरकार ने टैब्लो भेजने की अनुमति मांगी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने इसे खारिज कर दिया. गत वर्ष भी केंद्र की ओर से राज्य के कन्याश्री व अन्य सामाजिक परियोजनाओं के टैब्लो की अनुमति नहीं दी गयी थी. इस वर्ष गणतंत्र दिवस की थीम, ‘आजादी का अमृत महोत्सव’ है. नेताजी की जयंती को ध्यान में रखते हुए 23 जनवरी से ही गणतंत्र दिवस के पालन की तैयारियां शुरू हो जायेंगी.

बंगाल द्वारा प्रस्तावित टैब्लो की थीम, ‘नेताजी व आजाद हिंद वाहिनी’ थी. राज्य सरकार के मुताबिक, टैब्लो में स्वाधीनता आंदोलन में बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, अरविंद घोष से लेकर बिरसा मुंडा तक की भूमिका को दर्शाया जाना था. मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि बंकिम चंद्र ने राष्ट्रवाद का पहला मंत्र, ‘वंदेमातरम’ लिखा था.

उन्होंने आगे लिखा है कि रमेशचंद्र दत्त ने ब्रिटिश सरकार की नीतियों की आलोचना करते हुए लेख लिखा था. सुरेंद्रनाथ बंद्योपाध्याय ने पहला राष्ट्रीय राजनीतिक संगठन इंडियन एसोसिएशन स्थापित किया था. मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा है कि टैब्लो की इजाजत न देना इतिहास को अस्वीकार करना है.

Posted By: Mithilesh Jha

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