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प्रधानमंत्री ने निभायी जवाबदारी, अब ममता निभायें अपनी जवाबदारी : विजयवर्गीय

By Prabhat Khabar Digital Desk
Updated Date
भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय.
भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय.
(फाइल फोटो).

कोलकाता : भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के केंद्रीय प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय (Kailash Vijayvargiya) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा चक्रवाती तूफान अम्फान (Cyclone Amphan) की मदद के बाबत बंगाल को 1000 करोड़ रुपये देने की घोषणा का स्वागत किया. साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (CM Mamta Banerjee) पर कटाक्ष करते हुए कहा कि ममता जी ने अहंकार को छोड़ा, तो बंगाल की जनता को लाभ मिला. वहीं, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के कोविड-19 को लेकर विरोधी दलों के नेताओं के वीडियो कांफ्रेंसिंग की बैठक पर निशाना साधते हुए कहा कि ममता जी कभी कांग्रेस को दुश्मन समझती हैं, तो कभी दोस्त. पहले इस बारे में वह फैसला ले लें कि आखिर वह चाहती क्या हैं ?

श्री विजयवर्गीय ने शुक्रवार को कहा कि ममता जी ने अपना अहंकार खत्म किया. उसका लाभ बंगाल की जनता को मिला. ममता जी देर से आयीं, लेकिन दुरुस्त आयीं. यदि वह अहंकार रखती है और प्रधानमंत्री आते नहीं, तो आज बंगाल को 1000 करोड़ रुपये की सहायता नहीं मिलती. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा है कि यदि और भी जरूरत हुई है, तो और भी मदद करते रहेगी.

श्री विजयवर्गीय ने कहा कि सबसे पहले मैं प्रधानमंत्री को धन्यवाद कहूंगा. उन्होंने अपनी जवाबदारी को समझा. बंगाल आयें और बंगाल की जनता के लिए एक सौगत देकर गये हैं. इसके अलावा प्रधानमंत्री ने कहा कि यदि और आवश्यकता हुई, तो केंद्र और मदद के लिए सदा ही तत्पर रहेगा. प्रधानमंत्री ने अपनी जवाबदारी का निर्वहन किया है. हम अपेक्षा करते हैं कि ममता जी अब अपनी जवाबदारी का निर्वहन करें. अहंकार से काम नहीं चलता.

श्री विजयवर्गीय ने कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी के नेतृत्व में वीडियो कांफ्रेसिंग की बैठक में सुश्री बनर्जी के शामिल होने पर कहा कि सभी लोग अपना- अपना ठिकाना ढूंढ़ रहे हैं. आज मोदी जी के नेतृत्व के आगे सभी बौने हैं. कुछ कर नहीं पा रहे हैं. सोच रहे हैं कि कुछ किया जाये. कैसे करें, किसके साथ करें. एक- दूसरे का सहारा ढूंढ़ रहे हैं. साथी तलाश रहे हैं. उसकी यह शुरुआत है. ममता कभी कांग्रेस को अपना दुश्मन मानती हैं, कभी दोस्त मानती हैं. ये ममता से पूछे कि कांग्रेस के प्रति उनका क्या चिंतन है.

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