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बंगाल में चढ़ा सियासी पारा, अमित शाह-पीएम मोदी हुए सक्रिय, भाजपा से लड़ने और किला बचाने मैदान में उतरीं ममता बनर्जी

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बंगाल में चढ़ा सियासी पारा, अमित शाह-पीएम मोदी हुए सक्रिय, भाजपा से लड़ने और किला बचाने मैदान में उतरीं ममता बनर्जी.
बंगाल में चढ़ा सियासी पारा, अमित शाह-पीएम मोदी हुए सक्रिय, भाजपा से लड़ने और किला बचाने मैदान में उतरीं ममता बनर्जी.
Prabhat Khabar

कोलकाता : पश्चिम बंगाल चुनाव 2021 से पहले बंगाल का सियासी पारा चढ़ गया है. अमित शाह की बंगाल यात्रा के दौरान तृणमूल से अब तक के सबसे बड़े पलायन के बाद ममता बनर्जी अपना किला बचाने के लिए खुद मैदान में उतर गयी हैं. अमित शाह के एक-एक आरोप का जवाब दे रही हैं. बागी नेताओं को कोस भी रही हैं. साथ ही तृणमूल कांग्रेस के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं में जोश भरने का भी काम ममता दी कर रही हैं.

मेदिनीपुर में 17 दिसंबर को शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में तृणमूल के एक सांसद एवं 6 विधायक समेत बंगाल के कुल 10 विधायक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के झंडा तले आ गये थे. हालांकि, तृणमूल कांग्रेस ने सार्वजनिक तौर पर इस कार्यक्रम को या मेदिनीपुर के हेवीवेट टीएमसी नेता शुभेंदु के पार्टी छोड़ने के फैसले को तवज्जो नहीं देने का दिखावा किया, लेकिन इसके बाद ममता बनर्जी को खुद मैदान में उतरना पड़ा.

बीरभूम जिला के बोलपुर में केंद्रीय गृह मंत्री और भाजपा के शीर्ष नेताओं में शुमार अमित शाह के ग्रांड रोड शो के जवाब में ममता बनर्जी ने 29 दिसंबर को बोलपुर में रोड शो का एलान कर दिया. शुभेंदु अधिकारी ने पूर्वी मेदिनीपुर में 22 दिसंबर को जनसभा करके ममता बनर्जी एवं तृणमूल कांग्रेस को आड़े हाथों लिया, तो अब ममता बनर्जी खुद 23 दिसंबर को टीएमसी के वरिष्ठ नेताओं के साथ वहां सभा पहुंच गयीं.

पार्टी में बगावत की स्थिति को देखते हुए ममता बनर्जी ने हाइ लेवल मीटिंग में पार्टी के चुनावी रणनीति बना रहे आइपैक के प्रमुख प्रशांत किशोर की क्लास लगायी. उनसे स्पष्ट कहा कि पार्टी में जो कुछ हो रहा है, तत्काल उस पर ब्रेक लगायें, अन्यथा वह खुद कोई अंतिम फैसला लेने के लिए बाध्य होंगी. ममता के अल्टीमेटम के बाद प्रशांत किशोर ट्विटर पर सक्रिय हुए और कहा कि भाजपा 10 सीटें भी नहीं जीत पायेगी.

हालांकि, प्रशांत किशोर के इस बयान की भाजपा के वरिष्ठ नेता से मंत्री तक ने उनकी आलोचना की. कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 के बाद देश को एक चुनावी रणनीतिकार खोना पड़ेगा, तो केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने कहा कि 2021 में अच्छी बात होगी. न रहेगा बांस (टीएमसी) न बजेगी (पीके की) बांसुरी.

Posted By : Mithilesh Jha

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