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नीतीश कुमार जी, टुकड़े होकर बिखरने से पहले नये रास्ते तलाशें, बिहार में विपक्षी दलों के संपर्क में रहें, बंगाल कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी की सलाह

By Prabhat Khabar Digital Desk
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नीतीश कुमार जी, टुकड़े होकर बिखरने से पहले नये रास्ते तलाशें, बिहार में विपक्षी दलों के संपर्क में रहें, बंगाल कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी की सलाह.
नीतीश कुमार जी, टुकड़े होकर बिखरने से पहले नये रास्ते तलाशें, बिहार में विपक्षी दलों के संपर्क में रहें, बंगाल कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी की सलाह.
Prabhat Khabar

कोलकाता : नीतीश कुमार जी, टुकड़े होकर बिखरने से पहले नये रास्ते तलाशें, बिहार में विपक्षी दलों के संपर्क में रहें. पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष और लोकसभा में विपक्ष के नेता अधीर रंजन चौधरी ने अरुणाचल के घटनाक्रम के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को यह सलाह दी है.

लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री और जनता दल (यूनाइटेड) के अध्यक्ष नीतीश कुमार को भाजपा की ‘खरीद फरोख्त की नीति’ के प्रति सचेत किया. उन्होंने कहा कि ‘अरुणाचल में जो हुआ है, उसकी काट के तौर पर’ वह (नीतीश कुमार) अपने राज्य में विपक्षी दलों के संपर्क में बने रहें.

अरुणाचल प्रदेश में वर्ष 2019 में हुए विधानसभा चुनावों में जदयू को 7 सीटें मिली थीं और भाजपा (41 सीटें) के बाद वह राज्य की दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बन गयी. उसके 6 विधायक भाजपा में शामिल हो गये हैं. ज्ञात हो कि थोड़े समय के लिए छोड़कर पिछले करीब 17 साल से बिहार में जदयू-भाजपा गठबंधन सत्ता में है.

नीतीश कुमार को अधीर रंजन की सलाह

अधीर रंजन चौधरी ने शनिवार को ट्वीट किया, ‘प्रिय नीतीश कुमार जी, भाजपा से सावधान रहें, वह पूर्वोत्तर क्षेत्र के बदनाम शिकारियों की तरह ही शिकार अभियान (जनप्रतिनिधियों की खरीद फरोख्त) में माहिर है.’ पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष चौधरी ने बिहार के मुख्यमंत्री को सलाह दिया कि बिहार में वह विपक्षी दलों के संपर्क में रहें, क्योंकि वहां भी उन्हें ऐसी स्थित (खरीद-फरोख्त) का सामना करना पड़ सकता है.

अरुणाचल वाली समस्या से बचें

श्री चौधरी ने ट्विटर पर लिखा है, ‘जैसा कि अभी आप अरुणाचल प्रदेश में झेल रहे हैं, टुकड़े होकर बिखरने से पहले नीतीश कुमार जी नये रास्ते तलाशें, जो कि संभवत: बिहार में विपक्षी दलों के साथ संपर्क में रहना हो सकता है, ताकि आप अरुणाचल वाली समस्या से बच सकें.’

अरुणाचल विधानसभा की स्थिति

जदयू के विधायकों के भाजपा में शामिल होने के बाद 60 सदस्यीय अरुणाचल प्रदेश विधानसभा में अब सत्तारूढ़ भाजपा के पास 48 विधायक हैं, जबकि जदयू के पास सिर्फ एक विधायक बच गया है. वहीं कांग्रेस और नेशनल पीपुल्स पार्टी के चार-चार विधायक हैं.

Posted By : Mithilesh Jha

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