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पश्चिम बंगाल में डॉक्टर्स डे पर छुट्टी, शुरू होगी टेलीमेडिसिन सेवा

By Prabhat Khabar Digital Desk
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पश्चिम बंगाल में डॉक्टर्स डे पर छुट्टी,  शुरू होगी टेलीमेडिसिन सेवा
पश्चिम बंगाल में डॉक्टर्स डे पर छुट्टी, शुरू होगी टेलीमेडिसिन सेवा
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बुधवार एक जुलाई को डॉक्टर्स डे के अवसर पर राज्य सरकार ने छुट्टी की घोषणा की है. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि यह वक्त डॉक्टरों व स्वास्थ्यकर्मियों का अभिनंदन करने का है. कोविड महामारी के बीच जिस तरह वे अपने काम में जुटे हैं, वह प्रशंसनीय है. सुश्री बनर्जी ने कहा कि वह केंद्र और अन्य राज्य सरकारों से भी अनुरोध करेंगी कि इस इस अवसर पर छुट्टी की घोषणा की जाये. मुख्यमंत्री ने बताया कि डॉक्टर्स डे पर ही वह राज्य सरकार की टेलीमेडिसिन परिसेवा शुरू करेंगी. इसके लिए सभी जिलों में अलग-अलग फोन नंबर होंगे. फोन करने पर चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध होगा. दो-एक दिन के भीतर यह राज्यभर में चालू हो जायेगा.

स्कूली छात्रों को मिलेगा मास्क

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से तीन करोड़ मास्क बनाये जा रहे हैं. इन्हें स्कूली विद्यार्थियों को दिया जायेगा. राज्य में करीब 1.10 करोड़ विद्यार्थी हैं. स्कूलों के खुलने पर प्रत्येक विद्यार्थी को एक-एक मास्क मिलेगा. इसके अलावा आशाकर्मियों व अन्य को भी ये मास्क दिये जायेंगे. मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में 2.5 करोड़ परिवार हैं. आशाकर्मी इन परिवारों के पास कई बार पहुंचीं ताकि श्वसन संबंधी मरीजों के बारे में जानकारी हासिल हो सके. इससे राज्य सरकार को कोविड के खिलाफ लड़ाई लड़ने में सहूलियत हासिल होगी.

बना कोविड वरियर्स क्लब

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में कोविड वरियर्स क्लब बनाया जा रहा है. इसकी शुरूआत बहरमपुर से की गयी है जिसमें 60 लोगों को शामिल किया गया है. इस क्लब में वह लोग होंगे जो कोविड पॉजिटिव हुए थे और वह ठीक हो गये. ऐसे लोगों को कोविड मरीजों की परिसेवा के लिए इस्तेमाल किया जायेगा. वर्तमान में ऐसे 10-10 लोगों को मुर्शिदाबाद मेडिकल कॉलेज, मालदा मेडिकल कॉलेज और कोलकाता में काम पर लगाया जायेगा. राज्य सरकार की ओर से न केवल इन्हें परिसेवा के लिए मेहनताना दिया जायेगा बल्कि इनके रहने और खाने की भी व्यवस्था की जायेगी. यह लोग कोविड मरीजों को खाना देने, उनसे बात करने और अन्य छोटे-मोटे काम करेंगे. मुख्यमंत्री ने उम्मीद जतायी कि यह कोशिश सफल रहेगी और बंगाल विश्व को एक नयी पहल के तौर पर रास्ता दिखायेगा. यह भविष्य में उदाहरण होगा. राज्य में ऐसे 12 हजार लोग हैं जो कोविड-19 से पीड़ित हुए थे और ठीक हो गये हैं. मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्य सचिव व गृह सचिव विभिन्न जिलों के डीएम से बात करेंगे और कोविड से ठीक हुए लोगों को इस क्लब का सदस्य बनने के लिए प्रेरित करने के लिए कदम उठाने को कहेंगे.

Posted By: Pawan Singh

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