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Bengal Chunav 2021: ‘अहम की लड़ाई’ लड़ रहे तृणमूल-भाजपा, बंगाल की पहचान की लड़ाई लड़ रहे कांग्रेस-वाम, बोले जितिन प्रसाद

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
‘अहम की लड़ाई’ लड़ रहे तृणमूल-भाजपा, बंगाल की पहचान की लड़ाई लड़ रहे कांग्रेस-वाम.
‘अहम की लड़ाई’ लड़ रहे तृणमूल-भाजपा, बंगाल की पहचान की लड़ाई लड़ रहे कांग्रेस-वाम.
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कोलकाता/नयी दिल्ली : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2021 में वामदलों के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ रही कांग्रेस ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर हमला बोला है. बंगाल कांग्रेस के प्रभारी जितिन प्रसाद ने कहा है कि तृणमूल और भाजपा अहम की लड़ाई लड़ रहे हैं, जबकि कांग्रेस एवं वामदल बंगाल की पहचान की लड़ाई लड़ रहे हैं.

जितिन प्रसाद ने रविवार को कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव में कांग्रेस-वाम गठबंधन लोगों को विकल्प देने के लिए है, जो रोजी-रोटी के मुद्दे को लेकर प्रतिबद्ध है. दोनों दल बंगाल की पहचान के लिए लड़ रहे हैं. प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस यथाशीघ्र वाम दलों के साथ सीटों का समझौता करने पर ध्यान केंद्रित कर रही है.

उन्होंने कहा कि इसके लिए गठित समिति चर्चा के दौरान सीटों की ‘विशेषता’ पर ध्यान केंद्रित करेगी, जिन पर पार्टी लड़ेगी. जितिन प्रसाद ने कहा कि पार्टी की राज्य इकाई और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) मिलकर काम कर रही है और दिल्ली में ‘कोई बैठकर निर्देश नहीं दे रहा’, पार्टी के हित में जो भी होगा, उसे सभी हिताधारकों को भरोसे में लेकर किया जायेगा.

एआईसीसी में पश्चिम बंगाल के प्रभारी ने कहा कि राज्य से पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के लिए राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा से बड़े पैमाने पर प्रचार कराने की मांग है और दावा किया कि सही समय आने पर शीर्ष नेतृत्व प्रचार करेगा.

वाम दलों से सीटों के बंटवारे के बारे में पूछे जाने पर प्रसाद ने कहा, ‘सीटों के बंटवारे की प्रक्रिया और वार्ता जारी है. हम इसे यथाशीघ्र करना चाहते हैं. हमें समय से पहले अपने उम्मीदवारों को तय कर लेना चाहिए, ताकि हम उन सीटों पर ध्यान केंद्रित कर सकें, जहां पार्टी लड़ेगी.’ पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘हम सीटों के बंटवारे को अंतिम रूप देने के इच्छुक हैं, ताकि हम ठोस संयुक्त कार्यक्रम बना सकें, जिससे आसानी से मतों का हस्तांतरण हो सके.’

अधीर रंजन की अध्यक्षता वाली समिति कर रही गठबंधन पर काम

सीट बंटवारे को लेकर हो रही वार्ता के समाप्त होने की समय सीमा पर किये गये सवाल के जवाब में प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समिति काम कर रही है, जिसमें विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता अब्दुल रहमान, पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप भट्टाचार्य और नेपाल महतो शामिल हैं.

राज्य में सत्तारूढ़ अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर लोगों के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित नहीं करने का आरोप लगाते हुए जितिन प्रसाद ने कहा कि पश्चिम बंगाल में यह चुनाव भाजपा नीत केंद्र सरकार के प्रदर्शन और राज्य के लिए किये गये काम पर होना चाहिए, साथ ही यह तृणमूल कांग्रेस के रिपोर्ट कार्ड पर होना चाहिए, लेकिन दुख की बात है कि यह उनके ‘अहम की लड़ाई’ को लेकर है.

राज्य-केंद्र गतिरोध में लोगों को नहीं मिल रहा योजनाओं का लाभ

जितिन प्रसाद ने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच गतिरोध की वजह से कई योजनाओं का लाभ जनता को नहीं दिया गया. उन्होंने रेखांकित किया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ पश्चिम बंगाल के लोगों तक नहीं पहुंच रहा है. प्रसाद ने दावा किया कि रोजगार, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे अहम विषयों पर बात नहीं की जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस असली मुद्दों से ध्यान भटकाना चाहती हैं, क्योंकि वे अपनी सरकार की नाकामियों को छिपाना चाहते हैं.

बंगाल के लोगों को अपनी संस्कृति थोप रही भाजपा

जितिन प्रसाद ने कहा, ‘एक अन्य मुद्दा है. हमने देखा कि कैसे दोनों पार्टियां (तृणमूल एवं भाजपा) मीडिया की ताकत का इस्तेमाल कर रही हैं और पश्चिम बंगाल की पहचान और संस्कृति एवं सपंन्न सांस्कृतिक विरासत को धीरे-धीरे नष्ट किया जा रहा है. कांग्रेस बंगाल की विरासत और संस्कृति की रक्षा के लिए लड़ेगी.’

श्री प्रसाद ने जोर देकर कहा कि खासतौर पर भाजपा अपनी संस्कृति पश्चिम बंगाल के लोगों पर थोपना चाहती है, जिसकी इजाजत कांग्रेस नहीं देगी. उन्होंने कहा कि भाजपा और तृणमूल कांग्रेस ओछे मुद्दों के पीछे छिपने की कोशिश कर रहे हैं और तनाव एवं अहम का महौल पैदा कर कर रहे हैं.

बंगाल की संस्कृति को बचाने के लिए होगा चुनाव

जितिन प्रसाद से जब पूछा गया कि क्या यह चुनाव पश्चिम बंगाल की पहचान एवं संस्कृति को बचाने के लिए होगा, तो उन्होंने कहा, ‘निश्चित तौर से यह अहम मुद्दा है. खासतौर पर जब भाजपा अपनी संस्कृति थोपना चाहती है.’ उन्होंने ममता बनर्जी नीत राज्य सरकार की भी आलोचना करते की. कहा कि कानून-व्यवस्था के कई मामले सामने आये हैं. जितिन प्रसाद ने जोर देकर कहा, ‘हम बंगाल के लोगों को विकल्प मुहैया करायेंगे.’

बंगाल चुनाव में रोजी-रोटी का मुद्दा पीछे चला गया

कांग्रेस-वाम गठबंधन द्वारा मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित करने के सवाल पर प्रसाद ने कहा कि इस मुद्दे पर चर्चा हो रही है, लेकिन पहली प्राथमिकता सीटों का बंटवारा और संयुक्त प्रचार अभियान शुरू करने को लेकर है. उन्होंने रेखांकित किया कि कांग्रेस-वाम गठबंधन का पश्चिम बंगाल के लोगों से गहरा संबंध है. प्रसाद ने कहा कि रोजी-रोटी का मुद्दा पीछे चला गया है, जिसे उनका गठबंधन सामने लायेगा. गौरतलब है कि राज्य विधानसभा के 294 सीटों के लिए इस साल अप्रैल-मई में चुनाव होने की संभावना है.

Posted By : Mithilesh Jha

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Published Date

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