ताजमहल देखने आये थे भारत, इजी मनी पॉलिसी से बटोरने लगे रुपये

By Prabhat Khabar Digital Desk
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बिट क्वायन से पांच लाख रुपये भारतीय रकम अबतक भेजे थे अपने परिवार के पास

बाकी ठगी के रुपये यूरो में बदलकर अपने देश में परिवार के पास भेजने की थी तैयारी
अबतक की जांच में खुलासा : कोलकाता में रहनेवाले ग्राहकों के बैंक अकाउंट से अब तक निकाल चुके हैं 20 लाख
कोलकाता : महानगर में 70 से ज्यादा ग्राहकों के बैंक अकाउंट की जानकारी हासिल कर उनके अकाउंट से अबतक 20 लाख से ज्यादा रुपये निकाल लेने के आरोप में कोलकाता पुलिस ने दिल्ली के ग्रेटर कैलाश से सिल्वियु फ्लोरिन स्पिरिडॉन (28) नामक एक रोमानियाई नागरिक को गिरफ्तार किया था.प्राथमिक पूछताछ में उसने काफी अहम खुलासे किये हैं.
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी ने बताया कि वह अबतक तीन बार वह रोमानिया से दिल्ली आ चुका था. पहली बार वह भारत में आगरा का ताहमहल देखने आया था. इसके बाद यहां के इतिहास को जानने की इच्छा उसे और दो बार वापस भारत लेकर आयी है. उसने ग्राहकों के बैंक अकाउंट की जानकारी हासिल कर उनके अकाउंट से रुपये निकाले हैं, इसके सबूत पुलिस के पास हैं.
इस जानकारी के बाद वह टूट गया. उसने स्वीकार किया कि वह अच्छी नौकरी करता था, लेकिन उसे अपने शौक पूरे करने के लिए इजी मनी पॉलिसी के तहत रुपये कमाने लगा. रोमानिया की गली-गली में एटीएम में स्किमिंग डिवाइस लगाने के तरीके जाननेवाले लोग हैं.
उसके कई दोस्त भी एटीएम में स्किमिंग डिवाइस फिट कर ग्राहकों के अकाउंट से रुपये निकालने के तरीके जानते थे. इसके कारण उसने दोस्तों से एटीएम में स्किमिंग का तरीका सीखकर इजी मनी पॉलिसी के तहत दिल्ली में आकर शहर के विभिन्न राज्यों में जाकर एटीएम में स्किमिंग डिवाइस लगाकर ग्राहकों के अकाउंट से संबंधित जानकारी हासिल कर रुपये बटोरने लगा था.
अबतक कोलकाता के 70 ग्राहकों के अकाउंट से उसने 20 लाख रुपये निकाले थे. इसके अलावा दिल्ली व आसपास के राज्यों में भी वह ग्राहकों के एटीएम से रुपये निकाला था. अबतक बिट क्वायन के जरिये वह पांच लाख रुपये अपने घर ट्रांसफर कर चुका है. वह भारतीय रुपये की मोटी रकम भी यूरो में भी बदलकर अपने देश भेजने की फिराक में था.
कोलकाता पुलिस के संयुक्त पुलिस अयुक्त (अपराध) मुरलीधर शर्मा ने बताया कि उसने कैसे एटीएम में स्किमिंग डिवाइस लगाना सीखा, कैसे वह ग्राहकों के बैंक अकाउंट की जानकारी का डेटा अपने पास स्टोर कर रहा था. यह तरीका पुलिस उससे सीखने की कोशिश कर रही है, जिससे भविष्य में इस विधि से इससे निपटने का उपाय निकाला जाये.पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
जांच में रोमानियाई अनुवादक की मदद लेगी पुलिस
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रोमानियाई नागरिक के पास से जो लैपटॉप पुलिस ने जब्त किया है, उसमें काफी रोमानियाई भाषा में इन लोगों ने आपस में बात की है. पुलिस का कहना है कि रोमानियाई नागरिकों की भाषा जानने के लिए पुलिस रोमानियाई अनुवादक की मदद लेगी. ताकि जांच में आरोपियों के खिलाफ सबूत पुलिस के हाथ लग सके.
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