ममता की तुष्टिकरण की नीति की बड़ी हार, शरणार्थियों को मिला सम्मान : विजयवर्गीय

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कोलकाता : संसद में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होने पर प्रदेश भाजपा नेताओं में खुशी की लहर है. भाजपा ने राज्यसभा में जहां भाजपा का बहुमत नहीं है, विधेयक पारित होने को ममता बनर्जी की तुष्टिकरण की हार और मतुआ एवं नमोसूद्र जैसे शरणार्थियों को सम्मान है.

भाजपा के महासचिव व प्रदेश भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने विधेयक पारित होने पर प्रभात खबर से बातचीत करते हुए कहा : इस विधेयक को रोकने के लिए ममता जी और उनके सांसद डेरेक ओ ब्रायन और अभिषेक बनरर्जी ने बहुत कोशिश की, लेकिन आज ममता जी और तृणमूल की बहुत बड़ी पराजय हुई है. मतुआ समाज, नमोशूद्र और शरणार्थी, जो पिछले 70 सालों से नारकीय जिंदगी जी रहे थे, उन्हें सम्मान की जिंदगी मिलेगी. उनकी बहुत बड़ी जीत है.

उन्होंने कहा : प्रधानमंत्री मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जैसा कहा था कि सीएबी का प्रस्ताव लाकर शरणार्थियों को सम्मान देंगे. आज विधेयक पारित होने के बाद उन्होंने अपने वचन को पूरा किया है और शरणार्थियों को उनका सम्मान वापस लौटाया है. उन्होंने कहा कि उन्होंने नागरिकता देने का जो वचन दिया था. उस वचन को पूरा किया है.उन्होंने कहा कि यह ममता जी की तुष्टिकरण की नीति की बहुत बड़ी हार है.

श्चित रूप से बंगाल के राजनीतिक परिवेश में इस विधेयक के पारित होने से बहुत बड़ी क्रांति आयेगी. सीएबी को लेकर तृणमूल कांग्रेस द्वारा दुष्प्रचार करने पर प्रतिक्रिया जताते हुए विजयवर्गीय ने कहा : ममता जी जिस तरह से लोगों को डरा रही हैं. आतंक फैली रही हैं. हम लोगों के बीच जाकर ममता का वास्तिवक चेहरा बेनकाव करेंगे.

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