समय पर खुल जाता एयर बैलून तो बच जाती व्यवसायी की जान!

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कोलकाता : तेज रफ्तार के चलते अपनी जान गंवा चुके व्यवसायी शिवाजी राय की फरारी कार का मुआयना करने पहुंची फॉरेसिंक विभाग की चार सदस्यीय टीम ने एक घंटे की बारीकी से जांच के बाद कार में लगी एयर बैलून की गुणवत्ता पर ही सवाल खड़ कर दिया है़ विशेषज्ञों का मानना है कि कार में लगी एयर बैलून हादसे के समय ठीक से काम नहीं किया है नहीं तो व्यवसायी की जान बच जाती़ इस मामले में टीम फरारी कार कंपनी से भी संपर्क साधेगी.जांच के दौरान टीम ने सीट बेल्ट, खिड़कियों के शीशे, इलेक्ट्रानिक उपकरण सहित आदि के नमूनों एकत्र किए हैं़
फॉरेसिंक क्विक रेसपोंस टीम के प्रमुख वसीम रजा का कहना था कि दुर्घटना के ठीक पहले चालक ने जब ब्रेक लगायी थी उस समय फरारी की रफ्तार 130 के करीब थी. प्राथमिक जांच में मिले सबूत के आधार पर अंदाजा है कि कार का एयर बैलून ठीक समय पर नहीं खुला है. साथ ही एक लोहे की रॉड कार के अंदर घुस गयी थी. जिससे व्यवसायी की जान चली गई़ बता दें कि फरारी कार कंपनी हर तरीके से गाड़ी को सुरक्षित बनाती है, लेकिन जिस तरह रविवार सुबह फरारी दुर्घटनाग्रस्त हुई है, निश्चित तौर पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं.
उल्लेखनीय है कि रविवार सुबह डानकुनी से कोलकाता जाने के दौरान डोमजूर के पाकुड़िया ब्रिज के पास व्यवसायी की फरारी का रेलिंग तोड़कर ओवरब्रिज की दीवार से टकरा गयी थी. इस हादसे में कार चला रहे उद्यमी शिवाजी राय की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बगल की सीट पर बैठी आसना सुराना गंभीर रूप से घायल हो गई है़ आसना का कोलकाता के एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है, जहां उसकी हालत अभी भी नाजुक बनी हुई है.
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