गोरखालैंड आंदोलन: 14 जुलाई तक जारी रहेगा इंटरनेट पर प्रतिबंध, भारी बारिश में भी निकाली रैली

By Prabhat Khabar Digital Desk
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कालिम्पोंग: गोरखालैंड की मांग को लेकर बेमियादी पहाड़ बंद को मंगलवार को 20 दिन पूरा हो गया है. पहाड़ बंद के बाद से ही यहां रोजाना रैलियां निकाली जा रही हैं. मंगलवार को बारिश के बाबजूद काफी संख्या में गोरखालैंड समर्थक सड़कों पर निकले. कलिम्पोंग जिला ईसाई संगति के हजारों सदस्य बारिश में एक हाथ में छाता और दूसरे हाथ में मोमबत्ती लेकर मौन जुलूस के रूप में निकले. आंदोलन का केंद्र बन चुके डम्बर चौक से यह रैली शुरू हुयी और इसने शहर की परिक्रमा की.

10 माइल फाटक,मोटर स्टैंड एवं त्रिकोण पार्क होकर रैली डम्बर चौक ही पंहुची. वहां एक पथसभा का आयोजन किया गया.इसको संबोधित करते हुए पास्टर छत्रपाल सुब्बा ने कहा कि अलग राज्य गोरखालैंड के समर्थन मे ईसाई 1986 से ही अग्रसर हैं. वह लोग हमेशा इस आंदोलन को समर्थन देते रहेंगे. पथसभा को संबोधित करते हुए गोपाल रुचाल ने आंदोलन मे ईसाइयों के समर्थन के लिए उनका आभार प्रकट किया और कहा कि इस समुदाय के लोग सक्रिय रूप से आंदोलन में भाग लेते रहेंगे. गोरखालैंड राज्य नही होने तक सभी ने लगातार आंदोलन चलाने का निर्णय लिया.
इधर,गोरखालैंड आंदोलन को देखते हुए प्रशासन ने आगे भी इंटरनेट पर प्रतिबंध जारी रखने का निर्णय लिया है. पहाड़ी क्षेत्र में 18 जून से ही इंटरनेट पर प्रतिबंध है. इस प्रतिबंध को अब 14 जुलाई तक बढ़ा दिया गया है . इसके अलावा लोकल न्यूज चैनलों का प्रसारण भी बंद रहेगा. इंटरनेट सेवा बंद रहने से विद्यार्थियों को काफी परेशानी हो रही है. यहलोग बाहर नामांकन कराने के लिए कॉलेजों का फार्म नहीं भर पा रहे हैं.
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