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West Bengal Election 2021: सौमित्र खान को लोकसभा का सांसद बनाने वाली सुजाता मंडल खुद पहुंच पायेंगी विधानसभा?

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
पति सौमित्र के लिए वरदान साबित हुई सुजाता आरामबाग में अपनी राह कर पायेगी आसान ?
पति सौमित्र के लिए वरदान साबित हुई सुजाता आरामबाग में अपनी राह कर पायेगी आसान ?
Prabhat Khabar

West Bengal Election 2021: बंगाल विधानसभा चुनाव में कई तरह के रंग देखने को मिल रहे हैं. हाॅटसीट नंदीग्राम की वोटिंग के बाद अब तीसरे चरण की वोटिंग पर सभी पार्टियों की नजर है. तीसरे चरण में 31 सीटों पर चुनाव होने वाली है. इन सीटों पर आरामबाग विधानसभा सीट भी एक महत्वपूर्ण सीट है. इस सीट पर टीएमसी ने सुजाता मंडल खां को कैंडिडेट बनाया है. सुजाता मंडल खां वो नाम है जिसने चुनाव से पहले सुर्खियां बटोरी थी.

सुजाता मंडल बीजेपी नेता और सांसद सौमित्र खां की पत्नी है. सुजाता मंडल खां ने हाल ही में टीएमसी ज्वाइन की है. टीएमसी ज्वाइन करते ही पति-पत्नी में दरार पड़ गयी और दोनों का मामला तलाक तक पहुंच गया है. विरोधी पार्टी ज्वाइन करने पर सौमित्र खां ने सुजाता से अपने सारे संबंध तोड़ने का एलान कर दिया लेकिन सुजाता मंडल का सौमित्र के जीवन में एक अलग ही स्थान रहा है. ये वही सुजाता है जिसने पति सौमित्र खां को सांसद बनाने में कड़ी मेहनत नहीं की थी.

ऐसे दिलायी थी सुजाता ने सौमित्र को जीत 

पति के लिए सुजाता ने चुनाव प्रचार में दिन -रात एक कर दिया था. दरअसल, 2019 में सौमित्र खां विष्णुपुर लोकसभा सीट से बीजेपी कैंडिडेट बनाये गये थे. उस दौरान ही सौमित्र खां को क्रिमिनल केस में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बांकुड़ा जिले में घूसने पर ही रोक लगा दी थी. अपने लिए सौमित्र एक दिन भी चुनाव प्रचार नहीं कर पाये थे. मगर, उनकी पत्नी सुजाता ने उनके लिए वो काम किया था. राजनैतिक जानकारों की मानें तो सुजाता की बदौलत ही चुनाव प्रचार किये बगैर सौमित्र खां 78,047 वोट से जीते थे.

आज 2021 में दोनों की राहें अलग हो गयी है. सुजाता आरामबाग विधानसभा सीट से टीएमसी की टिकट पर चुनाव लड़ रही है. अब सुजाता के लिए इम्तिहान की घड़ी है. राजनीति हलकों में चर्चा है कि पति को जीत दिलाने के लिए जान लगाने वाली सुजाता अपने लिए चुनावी रण को पार कर पायेगी. बता दें कि सौमित्र खां पहले कांग्रेस में थे.कांग्रेस से वो कुतुलपुर से विधायक बने थे.

सौमित्र जब बीजेपी से लोकसभा चुनाव में खड़े हुए

इसके बाद 2013 में सौमित्र ने कांग्रेस का हाथ छोड़ टीएमसी का दामन थाम लिया था. इसके बाद 2014 में टीएमसी की तरफ से वो विष्णुपुर लोकसभा से चुनाव जीते. इसके बाद 2019 में टीएमसी ने उन्हें पार्टी से निकाल दिया था. इसके बाद वो बीजेपी में शामिल हो गये थे. उस दौरान बीजेपी ने उन्हें विष्णुपुर लोकसभा सीट से टिकट दिया था और वो सांसद बने थे. मगर से सांसद बनने क‍ी राह फिर इतनी आसान नहीं थी.

सौमित्र को उनके ही लोकसभा क्षेत्र में जाने पर कलकत्ता हाईकोर्ट से रोक लगा दी गयी थी. उस दौरान अपनी पत्नी सुजाता के बदौलत उन्होंने चुनावी वैतरणी पार की थी. अब सुजाता चुनावी मैदान में पति के बिना खड़ी है. वो अपनी चुनावी वैतरणी पार कर पायेगी या नहीं, उसका पता आगामी 2 मई को चलेगा. बता दें कि आरामबाग से बीजेपी ने मधुसूदन बाग को उतारा है तो वहीं संयुक्त मोर्चा ने शक्ति मोहन को कैंडिडेट बनाया है. यहां तीसरे चरण यानी 6 अप्रैल को चुनाव होना है.

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