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चुनाव आयोग के फैसले के बाद भी जिद पर अड़े TMC नेता, अब डेरेक ओ ब्रायन को मिली बड़ी सलाह

By Prabhat khabar Digital
Updated Date
चुनाव आयोग के फैसले के बाद भी जिद पर अड़े TMC नेता, अब डेरेक ओ ब्रायन को मिली बड़ी सलाह
चुनाव आयोग के फैसले के बाद भी जिद पर अड़े TMC नेता, अब डेरेक ओ ब्रायन को मिली बड़ी सलाह
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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के छठे चरण का चुनाव 22 अप्रैल को होना है. इस बीच राज्य में कोरोना से हालात बेकाबू होते दिखाई दे रहे हैं. कोरोना के बढ़ते मामलो को लेकर टीएमसी लगातार बाकी बचे चरण के चुनावों को एक फेज में कराने की मांग कर रहे हैं. हालांकि चुनाव आयोग ने इसपर पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि चुनावों को कल्ब करने का उसका कोई प्लान नहीं है.

चुनाव आयोग के इस फैसले के बाद भी टीएमसी सांसद डेरेक ओ ब्रयान ने चुनाव आयोग को पत्र लिखकर बाकी बचे चुनावों को एक फेज में कराने की मांग की थी. टीएमसी सांसद की इस चिट्ठी का जवाब चुनाव आयोग ने दे दिया है. आयोग ने स्पष्ट कहा है कि चरण 6, 7 और 8 को क्लब करने का सुझाव संभव नहीं है.

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने यह भी कहा कि चुनाव आयोग ने चुनाव प्रचार और मतदान से संबंधित दिशानिर्देश पहले ही जारी कर दिया है. साथ ही कहा था कि दिशानिर्देश जारी किये गये हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बिना किसी अपवाद के सुरक्षा मानदंडों का पालन किया जाए.

वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने ट्वीट कर चुनावों को मर्ज नहीं करने के आयोग के फैसले पर कहा है कि चुनावों को एक फेज में नहीं कराने से यह साबित हो रहा है कि पीएम मोदी, अमित शाह और चुनाव आयोग कोरोना वायरस के लिए सुपर स्प्रेडर का काम कर रहे हैं. और बेशर्मी से ऐसा कर रहे हैंउन्होंने कहा कि ममता ने चुनाव आयोग से कोरोना संक्रमण को देखते हुए चरण 6, 7 और 8 का विलय करने का अनुरोध किया था. चुनाव आयोग ने उनके अनुरोध को अस्वीकार कर दिया है.

इससे पहले भी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बंगाल के बाकी बचे चार चरण के चुनावों को एक ही बार में कराने के लिए विचार करने का आग्रह किया है. ममता बनर्जी चुनाव आयोग से अपील करते हुए कहा कि बंगाल में कोरोना की स्थिति को देखते हुए आयोग बाकी बचे चरण को एक ही बार में करायें ताकि राज्य को जनता को कोरोना संक्रमण से बचाया जा सके.

वहीं बीजेपी की ओर से कहा गया था की चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है. इसिलए आयोग के फैसले पर वो सवाल नहीं कर सकते हैं. चुनाव को मर्ज करने का आयोग का जो भी फैसला होगा उसे वो मानने के लिए तैयार है. चुुनाव आयोग ने बढ़ते कोरोना संक्रमण के मामले और चुनाव को मर्ज कराने की अपील के बीच आयोग ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी और सभी को चुनाव प्रचार और मतदान के संबंधित गाइडलाइन जारी किया था. उस वक्त भी आयोग ने कहा था कि बाकी बजे चुनावों को मर्ज करने का आयोग का कोई प्लान नहीं है.

Posted By: Pawan Singh

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Published Date

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