जामुड़िया.
जामुड़िया पंचायत समिति के अंतर्गत परसिया ग्राम पंचायत के संसद संख्या चार में एक सरकारी चाला (शेड) के पुनर्निर्माण कार्य को लेकर विवाद खड़ा हो गया है.पिछले एक महीने से अधिक समय से कुछ स्थानीय लोगों द्वारा काम रुकवाए जाने के कारण निर्माण अधर में लटका हुआ है.इस मामले को लेकर ठेकेदार ने प्रशासन के पास लिखित शिकायत दर्ज कराई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है.वर्क ऑर्डर के बावजूद काम रोका गया
ठेकेदार चितरंजन घोष ने जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें विगत 6 नवंबर को उक्त सरकारी चाला के पुनर्निर्माण का आधिकारिक वर्क ऑर्डर जारी किया गया था. इसके बाद 22 नवंबर को जब वे मिस्त्री और मजदूरों के साथ काम शुरू करने पहुंचे, तो कुछ लोगों ने वहां पहुंचकर जबरन काम रुकवा दिया. ठेकेदार का कहना है कि किसी भी सरकारी कार्य में इस तरह से बाधा डालना कानूनी रूप से अपराध है. काम रुकने के कारण उन्हें आर्थिक नुकसान का भी सामना करना पड़ रहा है.
प्रशासनिक स्तर पर शिकायत, फिर भी चुप्पी
घटना के तुरंत बाद ठेकेदार ने 24 नवंबर को जामुड़िया के बीडीओ भास्कर विश्वास और 26 नवंबर को परसिया ग्राम पंचायत की प्रधान अनीता घोष को लिखित रूप से मामले की जानकारी दी थी. चितरंजन घोष ने दुख जताते हुए कहा कि शिकायत किए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन न तो प्रशासन ने बाधा डालने वालों पर कार्रवाई की और न ही काम दोबारा शुरू कराने के लिए सुरक्षा प्रदान की.
जल्द काम शुरू कराने का आश्वासन
इस विषय पर प्रतिक्रिया देते हुए परसिया ग्राम पंचायत की प्रधान अनीता घोष ने स्वीकार किया कि चाला पुनर्निर्माण का कार्य बंद है. उन्होंने कहा, “हमें इस मामले की जानकारी मिली है. कुछ स्थानीय लोगों के विरोध के कारण स्थिति बनी है. हम ग्रामीणों से बातचीत कर रहे हैं और उन्हें समझा-बुझाकर जल्द से जल्द कार्य को दोबारा शुरू करा दिया जाएगा. ” प्रशासन के आश्वासन के बावजूद, धरातल पर काम कब शुरू होगा, इसे लेकर संशय बरकरार है.
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