जामुड़िया.
राष्ट्रीय राजमार्ग (एनएच) – 60 इन दिनों यात्रियों के लिए सुरक्षित सफर के बजाय हादसों का मार्ग बनता जा रहा है. जामुड़िया के तपसी पेट्रोल पंप के समीप सड़क पर लंबे समय से जमा गंदा पानी और गहरे गड्ढे राहगीरों की जान के दुश्मन बने हुए हैं. प्रशासनिक अनदेखी का आलम यह है कि शिकायतों के अंबार के बावजूद नेशनल हाईवे अथॉरिटी कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है.जब पलट गया टोटो
शुक्रवार को इस बदहाल सड़क ने एक और हादसे को जन्म दिया. एक युवती अपने पिता के साथ टोटो पर सवार होकर पंजाबी मोड़ से बस पकड़ने जा रही थी, तभी पेट्रोल पंप के पास गड्ढे और पानी की वजह से टोटो अनियंत्रित होकर पलट गई. गनीमत रही कि टोटो की रफ्तार कम थी और कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन डरी-सहमी युवती सड़क पर ही रोने लगी. स्थानीय लोगों ने दौड़कर टोटो को सीधा किया और यात्रियों को आगे के लिए रवाना किया.
नाली का पानी और ”बैरिकेड” की खानापूर्ति
क्षेत्रवासियों का आरोप है कि समस्या की जड़ नाले का पानी है, जो सड़क पर बह रहा है. स्थानीय निवासी सम्मेलन मंडल ने बताया, “हमने ब्लॉक स्तर पर गुहार लगाई, लेकिन अधिकारी इसे राष्ट्रीय राजमार्ग विभाग का मामला बताकर पल्ला झाड़ लेते हैं. वर्तमान में प्रशासन ने गड्ढों के पास केवल एक बैरिकेड लगा दिया है, जो किसी समाधान के बजाय केवल चेतावनी भर है.स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं हुआ, तो वे सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेंगे.
प्रशासन की उदासीनता पर उठे सवाल
पिछले एक साल से अधिक समय से बनी इस स्थिति पर आक्रोश व्यक्त करते हुए प्रोसेनजीत बनर्जी ने कहा कि इस सड़क को देखकर यकीन ही नहीं होता कि यह कोई राष्ट्रीय राजमार्ग है. प्रतिदिन लाखों गाड़ियों की आवाजाही के बावजूद जलजमाव का स्थायी समाधान नहीं किया जा रहा है.लोगो ने अपनी मांग रखते हुए कहा कि सड़क पर जलजमाव रोकने के लिए ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त हो,जानलेवा गड्ढों की जल्द से जल्द कंक्रीट मरम्मत की जाए.रात के समय होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए उचित प्रकाश व्यवस्था हो.
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