आसनसोल जिला अस्पताल में छात्र की मौत के बाद हंगामा, इलाज में लापरवाही का आरोप

डॉक्टरों पर गंभीर आरोप, पुलिस पहुंची तब जाकर शांत हुआ मामला

परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप, मुआवजे और कार्रवाई की मांग पेट दर्द तथा बुखार की शिकायत लेकर 15 अगस्त को छात्र अपने पैरों पर चलकर आया था आसनसोल. आसनसोल जिला अस्पताल में इलाज के दौरान छात्र मंगल हेंब्रम (17) की मौत के बाद परिजनों ने मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया. परिजनों ने आरोप लगाया कि इलाज के दौरान लापरवाही बरती गई, जिसके कारण छात्र की मौत हुई. घटना की जानकारी मिलते ही एसीपी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला.

परिजनों का आरोप, डॉक्टर जिम्मेदार

घटना से आक्रोशित परिजन और स्थानीय ग्रामीणों ने अस्पताल परिसर के बाहर विरोध-प्रदर्शन किया तथा दोषी डॉक्टर पर कार्रवाई की मांग की. परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते हुए छात्र की मौत के लिए डॉक्टर को जिम्मेदार ठहराया. इस वजह से अस्पताल परिसर में काफी देर तक हंगामा चलता रहा.

मौके पर एसीपी विश्वजीत नस्कर, आसनसोल दक्षिण थाना प्रभारी कौशिक कुंडू सहित भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा. पुलिस अधिकारियों के समझाने-बुझाने के बाद परिजन शांत हुए और शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गये. सूत्रों के मुताबिक, परिजनों ने चिकित्सक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मंशा बनायी है.

भर्ती से मौत तक का घटनाक्रम

गौरतलब है कि बाराबनी ब्लॉक के पंचगछिया पंचायत अंतर्गत कपटी ग्राम निवासी दसवीं कक्षा का छात्र मंगल हेंब्रम 15 अगस्त को पेट दर्द की शिकायत के बाद आसनसोल जिला अस्पताल में भर्ती हुआ था. इलाज के दौरान रविवार को उसकी मौत हो गई. इससे परिजन और गांव के लोग गुस्से में आ गये और अस्पताल में मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा किया. मृतक की मां बेदोनी हेंब्रम ने बताया कि जब उनका बेटा अस्पताल आया था, तब वह चलता-फिरता था. उनका आरोप है कि अस्पताल में सही इलाज नहीं हुआ, जिस कारण उसकी मौत हो गयी.

परिजनों की शिकायत

मृतक की परिजन मामोनी मुर्मू ने भी जिला अस्पताल के डॉक्टरों पर आरोप लगाते हुए कहा कि डॉक्टरों की लापरवाही से छात्र की जान गयी है. उनका कहना है कि केवल पेट दर्द की समस्या लेकर उनका बच्चा अस्पताल आया था, लेकिन उचित इलाज नहीं किया गया. यदि अस्पताल में सही उपचार संभव नहीं था तो परिजनों को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी गयी? इस मामले में अभी तक औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं हुई है.

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By GANESH MAHTO

GANESH MAHTO is a contributor at Prabhat Khabar.

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