तृणमूल जिला अध्यक्ष की चेतावनी ने बढ़ायी राजनीतिक हलचल

निष्क्रिय सदस्य के स्थान पर क्षेत्र के पार्टी बूथ अध्यक्ष को जिम्मेदारी दी जायेगी और पंचायत का काम उनके हस्ताक्षर से होगा. "

पंचायत और पंचायत समिति के निर्वाचित प्रतिनिधियों को पार्टी में सक्रिय न रहने पर सत्ता से वंचित किया जायेगा

पार्टी का सख्त संदेश बांकुड़ा. विष्णुपुर सांगठनिक जिले के तृणमूल जिला अध्यक्ष सुब्रत दत्ता ने मंगलवार को पात्रसायर में आयोजित विजया सम्मेलन में चेतावनी दी कि अगर पार्टी काम नहीं करेगी, तो ग्राम पंचायत और पंचायत समिति के निर्वाचित प्रतिनिधियों की सत्ता छीन ली जायेगी और वह सत्ता पार्टी बूथ अध्यक्षों को सौंप दी जायेगी. उनका यह बयान गरमागरम बहस का विषय बन गया है.

सुब्रत दत्ता ने कहा, “अगर पार्टी के पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्य निष्क्रिय हैं, तो उनकी कलम छीनने में देर नहीं लगेगी. ब्लॉक अध्यक्ष ऐसा नहीं करते हैं, तो मैं जिला अध्यक्ष के रूप में वह काम करूंगा. निष्क्रिय सदस्य के स्थान पर क्षेत्र के पार्टी बूथ अध्यक्ष को जिम्मेदारी दी जायेगी और पंचायत का काम उनके हस्ताक्षर से होगा. ” उनके अनुसार, पार्टी ने नेताओं को जनता के लिए काम करने के लिए मनोनीत किया है, इसलिए निष्क्रियता बर्दाश्त नहीं की जायेगी.

विपक्ष की प्रतिक्रिया

इस चेतावनी पर सोनामुखी के भाजपा विधायक दिवाकर घरामी ने प्रतिक्रिया दी और कहा कि राज्य में सत्ताधारी दल और प्रशासन एक हो गएये हैं. उनका कहना है कि तृणमूल जिला अध्यक्ष आगामी विधानसभा चुनाव में हार की संभावना देखते हुए ऐसी बकवास कर रहे हैं. पिछले विधानसभा चुनाव में तृणमूल को बिष्णुपुर सांगठनिक जिले में 6 में से 5 सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था, जबकि लोकसभा चुनाव में भाजपा ने विष्णुपुर सीट भी जीती थी. ऐसे में आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी का आधार मजबूत करने के लिए यह कदम उठाया गया है.

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By GANESH MAHTO

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