रेल गेट बंद होने से उखड़े आदिवासी, जताया प्रतिवाद

संगठन का आरोप है कि रेलवे की ओर से तपसी रेलवे गेट को लोहे के बैरिकेड्स लगा कर बंद करने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है.

जामुड़िया. जामुड़िया में पश्चिम बंगाल आदिवासी अधिकार मंच ने तपसी रेलवे स्टेशन पर विरोध प्रदर्शन किया और स्टेशन मास्टर को ज्ञापन सौंपा. संगठन का आरोप है कि रेलवे की ओर से तपसी रेलवे गेट को लोहे के बैरिकेड्स लगा कर बंद करने से स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है. लोगों को सड़क पार करने के लिए कई सौ मीटर का लंबा चक्कर लगाना पड़ रहा है. स्थानीय लोगों के अनुसार, पांडवेश्वर से राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 19 पंजाबी मोड़ तक जाने वाली मुख्य सड़क लंबे समय से तपसी रेलवे फाटक के नाम से जानी जाती थी, हालांकि, केंद्र सरकार की पहल पर भारी वाहनों के लिए एक ओवरब्रिज बनाया गया, लेकिन पैदल यात्रियों की सुविधा के लिए कोई ओवरब्रिज नहीं बनाया गया.इसके चलते, कई लोग अपनी जान जोखिम में डाल कर रेलवे गेट पार करते हैं. आदिवासी अधिकार मंच के सदस्यों ने कहा कि तपसी रेलवे फाटक कई गांवों को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण मार्ग है.इसे बंद करने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है.

उन्होंने ज्ञापन के माध्यम से रेलवे अधिकारियों से लोगों के लिए एक ओवरब्रिज बनाने का अनुरोध किया है. मंच ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया गया, तो वे एक बड़ा आंदोलन शुरू करने के लिए मजबूर होंगे.

विरोध प्रदर्शन के दौरान, जामुड़िया थाना के अंतर्गत केंदा फाड़ी की पुलिस और रेलवे पुलिस मौके पर मौजूद थी.

इस मामले पर, तपसी रेलवे स्टेशन मास्टर ने बताया कि वह मामले को देख रहे हैं और जल्द ही उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना देंगे. इस प्रदर्शन में अजित कुमार कोड़ा, बिनय हसदा, मनोज दत्ता, सुकुमार सांगुई, हराधन गोप, भरत गोप और कलीमुद्दीन अंसारी सहित अन्य लोग मौजूद थे.

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Published by: Sandip tiwari

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