पारदर्शी परीक्षा-पाट की अनिवार्यता से अनजान थे कई परीक्षार्थी, प्रवेश में दिक्कत
जिलेभर में सोमवार से छात्र जीवन की पहली बड़ी परीक्षा माध्यमिक परीक्षा-2026 शुरू हो गयी. कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले दिन भाषा प्रथम पत्र की परीक्षा शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुई.
By AMIT KUMAR | Updated at :
पुरुलिया.
जिलेभर में सोमवार से छात्र जीवन की पहली बड़ी परीक्षा माध्यमिक परीक्षा-2026 शुरू हो गयी. कड़ी निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले दिन भाषा प्रथम पत्र की परीक्षा शांतिपूर्ण रूप से संपन्न हुई. जिला माध्यमिक शिक्षा विभाग के अनुसार इस वर्ष जिले में कुल 47,328 परीक्षार्थी हैं, जिनमें 22,834 लड़के और 24,494 लड़कियां शामिल हैं. पिछले वर्ष की तुलना में परीक्षार्थियों की संख्या 4,164 बढ़ी है. जिले में कुल 104 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिन्हें सीसीटीवी कैमरों से पूरी तरह कवर किया गया है. परीक्षार्थियों का मनोबल बढ़ाने के लिए कई केंद्रों पर पानी की बोतल, टिफिन, पेन और गुलाब फूल पुलिस प्रशासन व जनप्रतिनिधियों की ओर से उपलब्ध कराए गए.
पारदर्शी परीक्षा पाट को लेकर उलझन
पहले दिन कुछ परीक्षार्थी रंगीन या अपारदर्शी परीक्षा-पाट या लेखन-पाट लेकर पहुंचे, जिससे उन्हें प्रवेश में दिक्कत हुई. छात्रों का कहना था कि पारदर्शी लेखन पाटा अनिवार्य होने की जानकारी उन्हें नहीं थी. रघुनाथपुर के एमएम हाइ स्कूल केंद्र पर स्थानीय शिक्षक व तृणमूल कांग्रेस नेता हजारी बाउरी की पहल पर परीक्षार्थियों को तत्काल पारदर्शी पाट उपलब्ध कराये गये, जिससे वे परीक्षा दे सके. बेगुनकुंदर हाइ स्कूल केंद्र पर चाटामबाड़ी गांव की परीक्षार्थी आशामणि महतो एडमिट कार्ड घर पर भूल गई. सूचना मिलते ही संबंधित थाने की पीएस मोटरसाइकिल टीम उसके घर से एडमिट कार्ड लेकर समय पर केंद्र पहुंची, जिससे छात्रा परीक्षा में शामिल हो सकी. पहले दिन जिला पुलिस पूरी तरह सतर्क रही. अधिकारी लगातार विभिन्न परीक्षा केंद्रों का दौरा कर व्यवस्था की निगरानी करते रहे. जिलाधिकारी सुधीर कोन्थाम ने मानबाजार गर्ल्स हाई स्कूल और स्वप्न सुब्रता हाइ स्कूल केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा व्यवस्था, पेयजल और मेडिकल सुविधाओं की जांच की. उनके साथ थाना प्रभारी मनजूर हुसैन अंजुम सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे.