अंडाल.
अंडाल डीएसटीपीएस में राजभाषा कार्यान्वयन उप समिति के तत्वावधान में दिव्यज्योति भवन स्थित सम्मेलन कक्ष में पूर्ण दिवसीय राजभाषा हिंदी कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य महाप्रबंधक एवं परियोजना प्रधान राम प्रवेश साह, वरिष्ठ महाप्रबंधक (परिचालन एवं अनुरक्षण) सुकदेव खां सहित अन्य अधिकारियों द्वारा मंगलदीप प्रज्ज्वलन के साथ किया गया.राजभाषा शील्ड का सम्मान
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति, दुर्गापुर की ओर से 29 दिसंबर को सीएसआइआर-सीएमइआरआइ सभागार में आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन-सह-पुरस्कार वितरण समारोह में दुर्गापुर इस्पात ताप विद्युत केंद्र, दामोदर घाटी निगम, अंडाल को राजभाषा शील्ड (द्वितीय पुरस्कार) और प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया. यह सम्मान अप्रैल 2025 से सितंबर 2025 की समीक्षा अवधि में राजभाषा नीति के श्रेष्ठ निष्पादन और प्रभावी कार्यान्वयन के लिए दिया गया. शील्ड नराकास के अध्यक्ष और दुर्गापुर इस्पात संयंत्र एवं बर्नपुर के निदेशक प्रभारी सुरजीत मिश्रा ने प्रदान की.
उद्घाटन सत्र में संबोधन
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में राम प्रवेश साह और सुकदेव खां ने राजभाषा शील्ड और प्रशस्ति-पत्र डीएसटीपीएस के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समर्पित किया. राम प्रवेश साह ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल औपचारिक दायित्व नहीं, बल्कि संगठन की कार्यसंस्कृति को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है. उन्होंने दैनिक कार्यालयी कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग की अपील की.
तकनीकी सत्र और सहभागिता
कार्यशाला में हिंदी अधिकारी इस्माईल मियां ने संकाय सदस्य के रूप में भूमिका निभायी. प्रथम सत्र में उन्होंने हिंदी वर्तनी और शब्दों के मानकीकरण पर प्रस्तुति दी. द्वितीय सत्र में अभ्यास कार्यों और प्रश्नोत्तर के माध्यम से प्रतिभागियों की शंकाओं का समाधान किया गया.
समापन और प्रमाण-पत्र वितरण
समापन पर प्रतिभागियों को राजभाषा प्रमाण-पत्र और संकलित पुस्तिका ‘राजभाषा प्रबोधिनी – हिंदी कार्यशाला का प्रेरक पथ’ वितरित की गयी. कार्यशाला में अनुभागीय प्रमुखों, वरिष्ठ प्रबंधकों सहित लगभग 40 अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे.
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