आसनसोल.
आसनसोल साउथ की विधायक अग्निमित्रा पाल, भाजपा आसनसोल के जिलाध्यक्ष देबतनु भट्टाचार्य, राज्य कमेटी के सदस्य कृष्णेंदु मुखर्जी को नामजद सहित 200 से 250 भाजपा कार्यकर्ता पुरुष व महिलाओं के खिलाफ आसनसोल साउथ थाना में गैरजमानती धारा के तहत मामला दर्ज किया गया. आसनसोल साउथ पीपी में तैनात सहायक अवर निरीक्षक अरविंद मिश्रा की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ आसनसोल साउथ थाने में केस नंबर 16/26 में बीएनएस की धारा 189(2)/126(2)/223/285/221/280/287/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी.क्या है पूरा मामला
मतदाता सूची से मृत, डुप्लीकेट और स्थान्तरित हुए वोटरों का नाम पर आपत्ति दर्ज करने को लेकर फॉर्म-7 जमा करने के दौरान आसनसोल सदर महकमा शासक कार्यालय के समक्ष भाजपा और तृणमूल समर्थकों के बीच जमकर झड़प हुई. भाजपा कार्यकर्ताओं से फॉर्म-7 की छीनकर आग लगा दिया गया. पुलिस ने एक वाहन जब्त किया, जिसमें भाजपा कर्मी फॉर्म-7 लेकर आये थे और दो भाजपा कार्यकर्ताओं तापस दास और सीमा लोद को हिरासत में लिया था.
इस घटना को लेकर आसनसोल साउथ की विधायक अग्निमित्रा पाल के नेतृत्व में भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ताओं ने आसनसोल भगत सिंग मोड़ पर जीटी रोड अवरोध किया. सड़क पर आग जलाकर विरोध प्रदर्शन किया. श्रीमती पाल ने बताया कि पुलिस ने जिन दो कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया है, उन्हें रिहा करने की मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा है. पुलिस ने महिला कार्यकर्ता को थाना से ही रिहा कर दिया, लेकिन पुरुष कार्यकर्ता को दूसरे दिन अदालत से जमानत लेना पड़ा. महिला कार्यकर्ता के रिहा होने पर आंदोलन समाप्त हो गया. करीब दो घंटे तक जीटी रोड अवरोध रहा, पुलिस के साथ धक्का-मुक्की भी हुई. इसपर सहायक अवर निरीक्षक श्री मिश्रा की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज हुई.अपनी शिकायत में सहायक अवर निरीक्षक ने जो कहा
सहायक अवर निरीक्षक अरविंद मिश्रा ने अपनी शिकायत में कहा कि 19 जनवरी को शाम 5.45 मिनट पर बिना किसी अनुमति के 200 से 250 पुरुष व महिला भगत सिंह मोड़ पर गैरकानूनी तरीके से जमा हुए. पुलिस ने इन्हें यहां से हटने के लिए अनेकों बार कहा, ये लोग नहीं हटे. भगत सिंह मोड़ आसनसोल शहर का एक महत्वपूर्ण जंक्शन पॉइंट है. जिला अस्पताल, रेलवे अस्पताल, हिलव्यू नर्सिंग होम, मिडवेस्ट अस्पताल, हेल्थवर्ल्ड हॉस्पिटल, स्टर्लिंग अस्पताल में नाजुक मरीजों को लेकर बड़ी संख्या में एम्बुलेंस यहीं से होकर गुजरती है. इसलिए इस जगह को खाली करवाने को लेकर पुलिस ने काफी प्रयास किया. पुलिस को अपनी ड्यूटी करने से रोका गया. सरकारी आदेश का उल्लंघन किया. बहुत मुश्किलों के बाद सड़क से जाम हटाने में सफलता मिली. दो घंटे तक सड़क अवरोध रहा. भीड़ में नामजद आरोपियों की ही पहचान हो पायी.
जिन आरोपों के लिए लगी हैं बीएनएस की धाराएं
भाजपा नेता व कार्यकर्ताओं पर बीएनएस की कुल आठ धाराएं लगी हैं, जिसमें 189(2) गैरकानूनी जमावड़ा एकमात्र यही धारा गैरजमानती है. अन्य धाराओं में गलत तरीके से रोकने के आरोप में 126(2), लोकसेवक द्वारा विधिवत प्रख्यापित आदेश की अवज्ञा करने पर 223, सार्वजनिक मार्ग में बाधा डालने पर 285, लोकसेवक को उसके वैध सार्वजनिक कर्तव्यों में जानबूझकर बाधा डालने में 221, वातावरण को स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बनाने के लिए 280, आग या ज्वलनशील पदार्थों के संबंध में लापरवाहीपूर्ण आचरण के लिए 287 और कई व्यक्ति मिलकर आपराधिक कार्य को अंजाम देने के लिए बीएनएस की धारा 3(5) लगाकर प्राथमिकी दर्ज हुई है.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
