कोर्ट मोड़ स्थित तृणमूल पार्षद मौसमी बोस के कार्यालय में हुई आगजनी की घटना के बाद राजनीति ने नया मोड़ ले लिया है. जिस कार्यालय में आग लगाने के भाजपा पर आरोप लगाये गये थे, अब उसी कार्यालय के पुनर्निर्माण में भाजपा कार्यकर्ता लग गये हैं. घटना के दिन आसनसोल उत्तर विधानसभा सीट के नवनिर्वाचित विधायक कृष्णेंदु मुखर्जी मौके पर पहुंचे थे. उन्होंने दावा किया था कि यह तृणमूल कांग्रेस का अंदरूनी विवाद है और भाजपा का नाम लेकर माहौल खराब करने की कोशिश की जा रही है. दो दिन बाद इलाके के लोग जब मौके पर पहुंचे तो वहां का दृश्य बदला हुआ था. आग में क्षतिग्रस्त तृणमूल कार्यालय में भाजपा कार्यकर्ता मरम्मत और निर्माण कार्य करते दिखाई दिए.
भाजपा ने दिया राजनीतिक संदेश
भाजपा नेताओं का कहना है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के संदेश के अनुसार बंगाल में अब हिंसा और बदले की राजनीति नहीं चलेगी. इसी सोच के तहत भाजपा कार्यकर्ता विरोधी दल के कार्यालय को फिर से तैयार करने का काम कर रहे हैं. आसनसोल उत्तर विधानसभा मंडल नेता अंकुर राय ने कहा कि कुछ अराजक तत्वों ने तृणमूल कार्यालय में आग लगाई थी, लेकिन भाजपा बदले की राजनीति में विश्वास नहीं करती. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में विरोधी दल का अस्तित्व जरूरी है, इसलिए भाजपा कार्यकर्ता अपने खर्च पर पार्षद के कार्यालय का पुनर्निर्माण कर रहे हैं.
घटना के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चा
घटना के बाद इलाके में राजनीतिक बहस तेज हो गई है. एक ओर आगजनी को लेकर आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं, वहीं दूसरी ओर भाजपा की ओर से तृणमूल कार्यालय के पुनर्निर्माण की पहल को लेकर नई राजनीतिक चर्चा शुरू हो गयी है.