सांकतोड़िया में आदिवासी संगठनों का विरोध मार्च

आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार, अश्लीलता और बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के विरोध में यह जुलूस झालबागान मोड़ से प्रारंभ हुआ.

आदिवासी जुमित गाउता और पश्चिम बंगाल आदिवासी अधिकार मंच के संयुक्त आह्वान पर हुआ प्रदर्शन

नियामतपुर. कुल्टी ब्लॉक के अंतर्गत रविवार को आदिवासी जुमित गाउता, कुल्टी ब्लॉक शाखा और पश्चिम बंगाल आदिवासी अधिकार मंच, कुल्टी शाखा के संयुक्त आह्वान पर एक विशाल विरोध जुलूस निकाला गया. कुल्टी थाना क्षेत्र के सांकतोड़िया में आयोजित इस जुलूस में कुल्टी अंचल के विभिन्न क्लबों और समितियों के सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए.

आदिवासी महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार, अश्लीलता और बलात्कार की बढ़ती घटनाओं के विरोध में यह जुलूस झालबागान मोड़ से प्रारंभ हुआ. प्रदर्शनकारी ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक तीर-धनुष के साथ नारे लगाते हुए सांकतोड़िया फांड़ी पहुंचे. उन्होंने पुलिस प्रशासन के खिलाफ विरोध जताते हुए फांड़ी का घेराव किया.

प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि 21 अक्टूबर की रात सांकतोड़िया के रक्ता गांव में 19 वर्षीय आदिवासी युवती के साथ उसके पति की अनुपस्थिति में पड़ोसी ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया था. शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया, लेकिन समुदाय का कहना है कि ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और त्वरित न्याय की जरूरत है.

आदिवासी जुमित गाउता के सदस्य बाबलु टुडू, दुगाई टुडू और मामोनी मुर्मू ने कहा कि “हम चाहते हैं कि इस तरह की घटनाओं पर रोक लगे और पीड़ित महिलाओं को न्याय मिले. समाज अब चुप नहीं रहेगा.”

विरोध के बाद प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों को लेकर सांकतोड़िया फांड़ी प्रभारी को ज्ञापन सौंपा.

ज्ञापन में दोषियों को कड़ी सजा देने, पीड़ित परिवार को सुरक्षा और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, तथा महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की गयी.

फांड़ी प्रभारी ने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच की जायेगी और सभी उचित कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जायेगी.

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By GANESH MAHTO

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