जामुड़िया में दमकल स्टेशन की कवायद तेज प्रशासनिक टीम का भूमि निरीक्षण
जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के लोगों व उद्यमियों की वर्षों पुरानी मांग अब धरातल पर उतरती दिख रही है. शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम ने जामुड़िया बाइपास रोड पर प्रस्तावित दमकल स्टेशन के निर्माण के लिए चयनित भूमि का भौतिक निरीक्षण किया.
By AMIT KUMAR | Updated at :
जामुड़िया.
जामुड़िया विधानसभा क्षेत्र के लोगों व उद्यमियों की वर्षों पुरानी मांग अब धरातल पर उतरती दिख रही है. शुक्रवार को प्रशासनिक अधिकारियों की एक टीम ने जामुड़िया बाइपास रोड पर प्रस्तावित दमकल स्टेशन के निर्माण के लिए चयनित भूमि का भौतिक निरीक्षण किया. इस कदम से जहां औद्योगिक जगत में खुशी है, वहीं भाजपा ने इसे चुनावी स्टंट बताते हुए सरकार पर हमला बोला है.
निरीक्षण व भविष्य की योजना
निरीक्षण के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों और तकनीकी विशेषज्ञों ने जामुड़िया बायपास स्तिथ प्रस्तावित भूमि की पहुंच मार्ग, दमकल वाहनों की आवाजाही की सुगमता, जल स्रोतों की उपलब्धता और सुरक्षा मानकों का बारीकी से जायजा लिया. अधिकारियों ने संकेत दिए हैं कि औपचारिकताएं पूरी होते ही निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी.
उद्यमी खुश, चेंबर के प्रयासों का मिला फल
जामुड़िया के औद्योगिक और रिहायशी इलाकों में बढ़ती आगजनी की घटनाओं के मद्देनजर यह स्टेशन महत्वपूर्ण माना जा रहा है. महेश सांवरिया (सचिव, जामुड़िया चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज) ने बताया कि संस्था लंबे समय से इसके लिए विभागीय पत्राचार कर रही थी. 2024 में जिलाधिकारी की बैठक में भी इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाया गया था.उन्होंने कहा कि दमकल केंद्र खुलने से इस अंचल को बड़ा लाभ मिलेगा.पवन कुमार मावंडिया (अध्यक्ष, जामुड़िया आयरन एंड स्टील इंडस्ट्रीज) उन्होंने प्रसन्नता जताते हुए कहा कि जामुड़िया में लगभग 25 बड़े कारखाने हैं. अभी तक रानीगंज या आसनसोल से दमकल बुलानी पड़ती थी, जिससे देर के कारण भारी नुकसान होता था. स्थानीय स्टेशन से त्वरित राहत मिलेगी.
विधायक का बयान : सुरक्षा हमारी प्राथमिकता
स्थानीय विधायक हरेराम सिंह ने इस कदम को सकारात्मक बताते हुए कहा कि जामुड़िया एक तेजी से विकसित होता औद्योगिक क्षेत्र है. दमकल स्टेशन की स्थापना से जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और आपदाओं में तुरंत प्रतिक्रिया दी जा सकेगी.
सियासी उबाल : भाजपा ने बताया ””चुनावी फंडा””
प्रशासनिक सक्रियता के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप भी शुरू हो गये हैं. संतोष सिंह (उपाध्यक्ष, आसनसोल भाजपा जिला) उन्होंने तीखा हमला करते हुए इसे तृणमूल कांग्रेस का “चुनावी फंडा ” करार दिया. सिंह ने कहा कि चुनाव नजदीक आते देख मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए जमीन का निरीक्षण किया जा रहा है. भाजपा नेता ने यह भी आरोप लगाया कि राज्य सरकार केंद्र की योजनाओं का नाम बदल रही है. उन्होंने दावा किया कि बागड़िहा सिद्धपुर से दरबार डांगा तक जाने वाली सड़क का निर्माण प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत उनके प्रयासों से स्वीकृत हुआ था, जिसे अब ””पथ श्री”” योजना बताकर विधायक शिलान्यास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जनता इस बार वोट से इसका जवाब देगी. अतः जहां प्रशासन व सत्तापक्ष इसे विकास की नयी ऊंचाइयों से जोड़ कर देख रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे चुनावी वैतरणी पार करने का जरिया बता रहा है. बहरहाल, जामुड़िया की जनता के लिए स्थायी दमकल स्टेशन की उम्मीद अब पहले से कहीं अधिक मजबूत हो गयी है.