एक माह से विजयनगर में पेयजल नहीं सड़क पर उतर कर ग्रामीणों का प्रतिवाद

विसंगति. गांव में बड़ा पानी का टैंक, फिर भी पानी की किल्लत झेल रहे लोग

पथावरोध कर जताया प्रतिवाद, लग गया गाड़ियों का लंबा जाम जामुड़िया. लगातार एक महीने से पानी की एक-एक बूंद के लिए तरस रहे जामुड़िया के विजय नगर के लोगों का गुस्सा आखिरकार फूट पड़ा. शुक्रवार सुबह पीने के पानी की मांग को लेकर सैकड़ों ग्रामीण अचानक सड़क पर उतर आये और जोरदार प्रदर्शन किया. सड़क जाम होते ही वहां गाड़ियों का लंबा जाम लग गया. आवाजाही ठप हो गयी. स्थानीय सूत्रों की मानें, तो बीते एक माह से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति लगभग बंद है. हैरानी की बात यह है कि विजयनगर गांव में ही एक बड़ा पानी का टैंक मौजूद है, जहां से जामुड़िया के विभिन्न इलाकों में जलापूर्ति की जाती है, पर उसी टैंक के पास रहनेवाले लोग ही पानी की भारी किल्लत झेल रहे हैं. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि उन लोगों की आंखों के सामने टैंक से पानी अन्य जगहों पर भेजा जा रहा है, लेकिन उनके घरों में एक बूंद भी नहीं पहुंच रहा. कई बार शिकायतें और आवेदन देने के बावजूद प्रशासन ने स्थिति में सुधार के लिए कोई कदम नहीं उठाया. ग्रामीणों की शिकायत है कि लंबे समय से मसले पर प्रशासनिक लापरवाही व अफसरों की चुप्पी से वे लोग संकट में पड़ गये हैं. कुछ समय तक चला यह सड़क अवरोध तब समाप्त हुआ, जब जामुड़िया थाने की केंदा फांड़ी की पुलिस और जामुड़िया ट्रैफिक गार्ड के अधिकारी वहां पहुंचे. प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने जल-संकट दूर कराने का आश्वासन दिया, तब ग्रामीणों ने जाम समाप्त किया और धीरे-धीरे यातायात सामान्य हुआ.

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By GANESH MAHTO

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