आसनसोल.
राज्य सरकार की महत्वकांक्षी परियोजना ”तरुनेर स्वप्न” के तहत छात्रों को मिलनेवाली टैब की राशि साइबर अपराधियों द्वारा उड़ाए जाने को लेकर साइबर क्राइम थाना आसनसोल में प्राथमिकी दर्ज हुई. जिला स्कूल निरीक्षक (सेकेंडरी एजुकेशन) सुनीति संफुई ने इसे लेकर शिकायत दर्ज करायी है. जिसमें नौ स्कूलों के 50 विद्यार्थियों का 10 हजार रुपये कर टैब की राशि को दूसरे के खातों में भेज दिया गया है. स्कूल प्रबंधन ने यह राशि नहीं भेजी है. साइबर हैकिंग के जरिये अपराधियों ने यह काम किया है. सात स्कूल के आठ विद्यार्थियों के टैब का पैसा अकाउंट नंबर गलत टाइप होने के कारण दूसरों के खाते में चला गया है. कुल 16 स्कूल के 58 विद्यार्थियों के टैब का पैसा दूसरों के खाते में चले जाने की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना आसनसोल में कांड संख्या 103/24 में बीएनएस की धारा 319(2)/318(4)/316(2)/61(2) और आइटी एक्ट 2000 की धारा 66/66डी के तहत अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज हुआ है. इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का दायित्व साइबर थाना के निरीक्षक विश्वजीत मुखर्जी को दिया गया है. सूत्रों के अनुसार साइबर क्राइम थाना की दो टीमें पहले से ही इस मामले की छानबीन में लगी हुई है और कुछ अहम जानकारी भी टीम के हाथ लगी है. एक टीम तकनीकी मदद से आरोपियों की तलाश में बाहर पड़ी हुई है. गौरतलब है कि तरुनेर स्वप्न परियोजना के तहत राज्य सरकार कक्षा 11 और 12 के विद्यार्थियों को टैब खरीदने के लिए उनके बैंक खातों में 10 हजार रुपये भेज रही है. पूरे राज्य में ऐसे अनेकों मामले सामने आए हैं, जिसमें पैसा विद्यार्थी के खाते के बजाय दूसरे के खाते में चला गया है. यह मामला काफी चर्चा में है. जिस पर विपक्ष राज्य सरकार को घेरने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है और इसे टैब घोटाला की संज्ञा दे दी है. मुख्यमंत्री ने भी इस पर अपना बयान जारी किया और कहा कि अन्य राज्यों के साइबर अपराधियों का यह कारनामा है. पुलिस जांच कर रही है. जल्द ही सारे आरोपी पकड़े जायेंगे.सबसे अधिक बेनाचिटी हाइस्कूल के 21 विद्यार्थियों के टैब का पैसा उड़ाया अपराधियों ने
जिला स्कूल निरीक्षक संफुई ने अपनी शिकायत में कहा कि उन्हें 16 स्कूलों के हेडमास्टर और शिक्षक प्रभारी से यह शिकायत मिली है कि तरुनेर स्वप्न परियोजना के तहत 58 विद्यार्थियों के 10 हजार रुपये कर टैब का पैसा उनके खाते की जगह दूसरों के खाते में चला गया. बांग्ला शिक्षा पोर्टल में मेनू का उपयोग करके यह राशि विद्यार्थियों के खाते में डाली गयी थी. जिसमें सात स्कूलों के आठ विद्यार्थियों के मामले में खाता संख्या डालने में टाइपोलॉजिकल गलती थी. बाकी के नौ स्कूल के 50 विद्यार्थियों का पैसा अपराधियों द्वारा साइबर हैकिंग के जरिये दूसरे खाते में ट्रांसफर किया गया. जिसमें सबसे अधिक बेनाचीटी हाइस्कूल के 21 खाते, कांकसा गर्ल्स हाइस्कूल के सात खाते, बलबोधन विद्यालय का एक खाता, आसनसोल तुलसी रानी बालिका शिक्षा सदन का एक खाता, इच्छापुर एमसी गर्ल्स हाइस्कूल के पांच खाते, मलानदिघी दुर्गादास विद्यामंदिर के पांच खाते, दुर्गापुर आरइ कॉलेज मॉडल स्कूल के पांच खाते और नतूनडांगा हाइस्कूल का एक खाता शामिल है. उक्त खातों में भेजा गया पैसा दूसरों के खाते में चला गया. पुलिस मामले की जांच में जुटी है.
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